
मुरादाबाद: भाई बहन के प्यार का पर्व भाई दूज इस बार 9 नवम्बर शुक्रवार को है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की दीर्घायु के लिए उसके माथे पर तिलक रोली का टीका कर ईश्वर से कामना करतीं हैं। ये त्यौहार हर वर्ष दिवाली के तीसरे दिन मनाया जाता है। इस बार भाई दूज का शुभ मुहूर्त कब है और कैसे मनाएं इसको लेकर टीम पत्रिका ने महानगर के वरिष्ठ ज्योतिष पंकज वशिष्ठ से चर्चा की,जिसमें उन्होंने विस्तार से जानकारी दी।
ये है मुहूर्त
ज्योतिष पंकज वशिष्ठ के मुताबिक भाई दूज का पर्व कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। इस दिन बहनें रोली और अक्षत से अपने भाई का तिलक कर उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना करती हैं। जिसेक बदले में भाई अपनी बहन को कुछ उपहार देता है। भैया दूज पर टीका करने का शुभ मुहूर्त 13 बजकर 09 मिनट से लेकर 15 बजकर 17 मिनट तक है। इन दो घंटे और 8 मिनट की अवधि में भाई को तिलक लगाना बेहद शुभकारी होगा।
ऐसे करें तैयारी
भैया दूज के दिन सबसे पहले नहाकर तैयार हो जाएं। उसके बाद आटे का चौक तैयार कर लें। अगर आपने व्रत रखा है तो सूर्य को जल देकर अपना व्रत शुरू करें। शुभ मुहूर्त आने पर भाई को चौक पर बिठाएं और उसके हाथों की पूजा करें। सबसे पहले भाई की हथेली में चावल का घोल लगाएं फिर उसमें सिंदूर, पान, सुपारी और फूल इत्यादि रखें। अंत में हाथों पर पानी अर्पण कर मंत्रजाप करें। इसके बाद भाई का मुंह मीठा कराएं और खुद भी मीठा खाएं। शाम के समय यमराज के नाम का चौमुख दीया जलाकर घर के बाहर जरूर जलाएं। मान्यता है कि इस दिन अगर बड़े से बड़ा पशु काट भी ले तो यमराज के दूत भाई के प्राण नहीं ले जाएंगे।
ये भी करें उपाय
इसके अलावा जिस गोले या नारियल पर तिलक करते हैं, उसे ऊपर से काटकर उसमें कसार और पंचमेवा भरें और उसे बंद कर कलावे से बांध दें और अपने भाई के ऊपर से सात बार उतारकर पीपल की जड़ में रख दें।