
मुरादाबाद: लोकसभा चुनावों से पहले आज मोदी सरकार ने अपना अंतरिम बजट पेश किया। जिसमें मोदी सरकार ने आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए लोक लुभावन वायदों को रखा। चाहे वो फिर मध्यम वर्ग के लिए पांच लाख की लिमिट बढ़ाना हो या फिर किसानों को नगदी लाभ। ज्यादातर बजट का केंद्र आम आदमी,किसान और नौकरी पेशा रहा है। जोकि उकसा बड़ा वोट बैंक भी है। बजट के पास होते ही टीम पत्रिका ने किसानों को सालाना छह हजार रुपये देने पर किसानों की प्रतिक्रिया ली तो मिलीजुली देखने को मिली।
सबको मिले लाभ
कुन्दरकी में किसान इलियास बोले कि किसानों को जो राहत दी गयी है वो सभी के हिसाब से कम है। क्यूंकि बहुत से किसान हैं जिनके पास दो हेक्टेयर से ज्यादा जमीन है। इसलिए इस योजना का लाभ सभी किसानों को नहीं मिल पायेगा। साथ ही उन किसानों को भी नहीं जो बंटाई पर खेती करते हैं। वहीँ उस्मान का कहना है कि अच्छा है चलो सरकार को चुनावी साल में याद आई। लेकिन साल में छह हजार रकम बेहद कम है। जबकि किसान की लागत लगातार बढ़ रही है।
लागत दिलवाए सरकार
इसके अलावा किसानों ने कहा कि अगर सरकार किसान की फसल का सही मूल्य दिलवा डे तो ज्यादा बेहतर रहता है। वादों के बावजूद भी किसान को उसकी लागत का मूल्य नहीं मिलता।