
सपना चौधरी मुरादाबाद केस में कोर्ट का बड़ा एक्शन..
Sapna Chaudhary Moradabad Case: हरियाणवी डांसर सपना चौधरी के वर्ष 2019 में मुरादाबाद रेलवे स्टेडियम में आयोजित डांस कार्यक्रम से जुड़े मामले में एक बार फिर कानूनी गतिविधियां तेज हो गई हैं। अदालत ने मामले में पुलिस की ओर से मांगी गई विस्तृत रिपोर्ट समय पर प्रस्तुत न किए जाने पर नाराजगी जताते हुए संबंधित थाना पुलिस को अंतिम अवसर दिया है। अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि 7 अगस्त तक हर हाल में विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए, अन्यथा संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई पर विचार किया जाएगा।
यह मामला 11 जून 2019 का है, जब हरियाणवी डांसर सपना चौधरी मुरादाबाद के रेलवे स्टेडियम में आयोजित एक कार्यक्रम में पहुंची थीं। आरोप है कि कार्यक्रम के दौरान अश्लील डांस प्रस्तुत किया गया, जिससे वहां मौजूद भारी भीड़ उत्तेजित होकर बेकाबू हो गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा, जिसमें कई दर्शकों के घायल होने की बात सामने आई थी।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि कार्यक्रम के दौरान सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अनदेखी करते हुए देर रात तक डीजे बजाया गया। इसके अलावा सरकारी धन और संसाधनों के दुरुपयोग के आरोप भी लगाए गए हैं। कार्यक्रम के कारण शहर के कई हिस्सों में लंबा जाम लग गया था, जिससे आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
इन घटनाओं से नाराज गायत्री नगर निवासी डॉ. रामेश्वर दयाल तुरैहा ने पहले थाना सिविल लाइंस के तत्कालीन एसओ और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को कार्रवाई के लिए प्रार्थना पत्र दिए थे। आरोप है कि शिकायत के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद उन्होंने अपने अधिवक्ता वैभव अग्रवाल के माध्यम से मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) मुरादाबाद की अदालत में वाद दायर किया।
वर्तमान में इस मामले की सुनवाई एसीजेएम कोर्ट संख्या-2 में चल रही है। पिछली सुनवाई के दौरान अदालत ने पुलिस की ओर से समय पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत न किए जाने पर नाराजगी व्यक्त की थी और स्पष्ट निर्देश दिए थे कि मामले से संबंधित संपूर्ण रिपोर्ट अगली तारीख तक उपलब्ध कराई जाए।
ताजा सुनवाई के दौरान भी थाना पुलिस की ओर से अदालत में मांगी गई विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की गई। इसे गंभीरता से लेते हुए अदालत ने पुलिस को 7 अगस्त तक का अंतिम अवसर दिया है। न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित तिथि तक रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की गई तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा सकती है।
अब इस मामले में अगली सुनवाई 7 अगस्त को होगी। यदि तब तक अदालत के आदेशानुसार विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की जाती है, तो न्यायालय संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर रुख अपना सकता है। ऐसे में लंबे समय से लंबित यह मामला एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है और अब सभी की निगाहें अगली सुनवाई पर टिकी हुई हैं।
Updated on:
27 Jul 2026, 6:55 PM IST
Published on:
27 Jul 2026, 6:55 PM IST
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