
मुरादाबाद: लोकसभा चुनावों से पहले संगठन को मजबूत करने के इरादे से हर जिले में कार्यकर्ता सम्मेलन करने निकले कांग्रेसियों को विपक्षी पार्टियों की जगह आज अपनों से ही हारना पड़ा। जी हां कुछ ऐसा ही नजारा आज मुरादाबाद के पंचायत भवन में आयोजित कार्यकर्त्ता सम्मलेन में देखने को मिला जब खाने को लेकर कांग्रेसी कार्यकर्ता आपस में ही टूट पड़े और ख़ासा हंगामा हुआ। ये सब प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय महासचिव गुलाम नबी आजाद की मौजूदगी में हुआ। राजबब्बर मंच से हिदायत भी देते रहे। लेकिन भूखे कार्यकर्ताओं ने एक न सुनी। फजीहत होते देख मंच पर बैठे सभी नेता नाराज होकर चले गए।
हर लोक सभा में होगा कार्यकर्त्ता सम्मेलन
राष्ट्रिय अध्यक्ष राहुल के गांधी के निर्देश पर सभी लोकसभा क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों में कार्यकर्त्ता सम्मेलन कर उनकी राय जानना है। जिसकी रिपोर्ट राहुल गांधी खुद चेक करेंगे और सभी लोकसभा क्षेत्रों के कार्यकर्ताओं से अगले चरण में बात भी करेंगे। लेकिन इससे पहले ये कार्यक्रम अमली जामा पहनता उससे पहले ही मुरादाबाद में मीडिया और प्रदेश और देश के नेताओं के सामने कार्यकर्ताओं सम्मेलन हंगामे की भेंट चढ़ गया। शहर के कम्पनी बाग़ स्थित पंचायत भवन में कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया गया था। जिसमें प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर के साथ ही गुलाम नबी आजाद,प्रमोद तिवारी,जितिन प्रसाद शमीना शफीक समेत कई नेता मौजूद रहे। सुबह करीब 11 बजे कार्यक्रम शुरू हुआ। जिले से लेकर पंचायत स्तर के कार्यकर्ताओं को मंच से बुलाकर उनकी बात सुनी गयी और उसे नोट भी किया गया।
खाने पर टूटे कार्यकर्त्ता
बीचे में राजबब्बर और स्थानीय नेता अमीनुल हसन जाफरी में बहस भी हो गयी थी। जिस पर राज बब्बर ने उन्हें अनुशासन में रहने की हिदायत भी दी थी। कार्यक्रम बढ़ता रहा। हंगामा उस समय बढ़ गया जब कार्यक्रम के दौरान ही स्थानीय कार्यकर्ताओं को भोजन के पैकेट बांटे जाने लगे। जिस पर कार्यकर्त्ता नेताओं की अनदेखी कर टूट पड़े और खाने के एक एक पैकेट के लिए आपस में ही लड़ने लगे। मंच पर मौजूद राज बब्बर और गुलाम नबी आजाद दोनों हिदायत भी देते रहे। लेकिन भूखे कार्यकर्ताओं ने उनकी एक न सुनी। लिहाजा मीडिया के कैमरों के सामने अपनी फजीहत देख दोनों नेता और बाकी अन्य भी नाराज होकर वहां से चल दिए।