रामगंगा 24 घंटों में खतरे के निशान से 40 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। जिस कारण खादर के 50 से ज्यादा गांवों में नदी की बाढ़ का पानी घुस चुका है।
मुरादाबाद: बीते दो सप्ताह से पहाड़ी व मैदानी इलाकों में जारी बारिश से नदियों का जल स्तर बढ़ने से अब उन्होंने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। जनपद में बहने वाली रामगंगा 24 घंटों में खतरे के निशान से 40 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। जिस कारण खादर के 50 से ज्यादा गांवों में नदी की बाढ़ का पानी घुस चुका है। वहीँ उनसे सम्पर्क मार्ग भी अवरुद्ध हो गया है। गांव वालों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने के लिए प्रशासन ने निर्देश स्थानीय तहसीलदारों और लेखपालों को दिए हैं। यही नहीं मुरादाबाद नैनीताल मार्ग पर तीन फुट से ऊपर पानी बह रहा है। जिससे और खतरा बढ़ गया है। सबसे ज्यादा प्रभावित ठाकुरद्वारा तहसील के गांव है। जिस कारण प्रशासन ने एक पीएससी कम्पनी यहां तैनात की है साथ ही इलाके के स्कूल में राहत शिविर भी बना दिया है। लोग जरूरत का सामन लेकर घरों से निकलने को मजबूर हैं।
इतनी तेजी से बढ़ा पानी
यहां बता दें कि सोमवार की सुबह छह बजे रामगंगा 190.50 मी. व सुबह आठ बजे खतरे का निशान पार करते हुए 190.73 तक पहुंच गई। जोकि दिन भर पानी का बढना जारी रहा। देर शाम तक जल स्तर 191.00 मी. यानी खतरे के निशान से 50 सेमी. ऊपर बहने के कयास लगाए जा रहे थे। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि खो व हरेवली बैराज से लगभग 46,596 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है जो करीब 10-12 घंटे में महानगर की सीमा में दाखिल होकर गुजरेगा। फिलवक्त पानी बढ़ने से ग्रामीणों में दहशत है। सभी ने सुरक्षित स्थानों की तलाश शुरू कर दी है। कई स्थानों पर पुलिस को सर्तक कर दिया गया है। महकमे को भी चौकसी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। स्थिति की जानकारी के लिए कंट्रोल रूम बनाया गया है।
ये गांव चपेट में
रामगंगा की बाढ़ की चपेट में दर्जनों गांव हैं। गांव मल्लीवाला, रायभूड़ा गोपालपुर, महदूद कलमी, मूलावाहन, लालूवाला, रुस्तमपुर तिगरी, मिलक लालूवाला, पूरनपुर चकरपुर, सेहल, जैतपुर बिसाहट, हिरनखेड़ा, गदईखेड़ा, भैयानगला, घोसीपुरा, नाजरपुर, हृदयनाजरपुर, दौलतपुर अजमतपुर, बीरपुबरियार के जंगल व घरों में पानी भरने लगा है। बाढ़ के पानी से प्रभावित गांवों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने पूरी रात छत पर बैठकर व गांव के चारों ओर पहरा देकर गुजारी। प्रभावित गांवों से रातभर जागते रहो की आवाजें आती रहीं। प्रभावित परिवारों सुरक्षित स्थानों की तलाश शुरू कर दी है।
दो दिन में होगी स्थिति सामान्य
वहीँ उधर बाढ़ खंड अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि रामगंगा नदी में अभी कालागढ़ से पानी नहीं छोड़ा गया है। पानी तेजी से निकल रहा है। अगर बारिश रुक गयी तो स्थिति अगले दो दिनों में सामान्य हो जाएगी।
डीएम ने लिया स्थिति का जायजा
सोमवार को डीएम राकेश कुमार सिंह ठाकुरद्वारा पहुंचे और बाढ़ के हालत का जायजा स्थानीय अधिकारीयों से लिया। जिस पर डीएम ने ग्रामीणों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने ठाकुरद्वारा में एनडीआरएफ की टी तैनात करने के साथ ही गांव के ही सरस्वती विद्या मंदिर करनपुर चौराहा, एनएस महाविद्यालय करनपुर चौराहा, डीएसएएम इंटर कालेज मलकपुर में राहत शिविर बना दिए हैं। साथ ही स्थानीय अधिकारीयों से नजर रखने के निर्देश भी दिए हैं।
ये गांव भी प्रभावित
फ़िलहाल नदी के बाढ़ की पानी की चपेट में बहापुर, बलिया, बल्लभगढ़, शेरपुर पट्टी, मलकपुर सेमली, लालापुर पीपलसाना, रायभूड़, चावड़, मुनीमपुर, मीरपुर मोहन चक, दरियापुर, मीरपुर की मंडैया, गंगाधरपुर, मुनीमपुर, पायंदापुर, अलियाबाद, मुस्ताबाद गुलड़िया, बुढ़नपुर, सुल्तानपुर खद्दर, कोठा, गक्खरपुर, ईसापुर भूड़ हैं।