रामगंगा नदी के किनारे रहने वालों के लिए बढ़ गया है। मैदानी बारिश से नदी का जल स्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है।
मुरादाबाद: बीते तीन चार दिनों से जारी मानसूनी बारिश से लोगों को गर्मी और उमस से तो राहत मिली है। लेकिन अब ये बारिश लोगों पर कहर बनकर भी टूट रही है। सबसे ज्यादा खतरा रामगंगा नदी के किनारे रहने वालों के लिए बढ़ गया है। क्यूंकि पहाड़ों और मैदानी बारिश से नदी का जल स्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। अगर इसी तरह नदी में पानी बढ़ता रहा तो अगले एक दो दिनों में पानी खादर वाले इलाकों में घुस जाएगा। प्रशासन ने एहतियातन खादर वाले इलाके में अलर्ट जारी करने के साथ बाढ़ चौकियों को भी 24 घंटे निगरानी के आदेश दिए हैं।
ग्रामीणों ने की सुरक्षा की मांग
पहले से पहाड़ी क्षेत्रों और अब मैदानी इलाकों में बारिश के कारण रामगंगा नदी का जलस्तर बढ़ जाने से खादर क्षेत्र के गांवों में बाढ़ का संकट गहराने लगा है। ग्राम बहादरपुर के ग्रामीणों ने प्रशासन से बाढ़ से पूर्व सुरक्षा के इंतजाम कराने की मांग की है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार तथा बीती रात क्षेत्र में जोरदार बरसात होने से एकाएक रामगंगा नदी का जल स्तर बढ़ गया है जिसके चलते तटवतीय ग्रामों राजीपुर खद्दर, पायंदापुर, रामसराय, फजलाबाद, गुलडि़या, गोपालपुर, बहादरपुर खद्दर, हीरापुर, बेगमपुर, महदूद कलमी आदि पर संकट गहराने लगा है। हालांकि अभी यह स्थिति नहीं आई कि ग्रामवासियों को गांव छोड़ना पड़े।
ये गांव होंगे सबसे ज्यादा प्रभावित
रामगंगा नदी में अधिक वर्षा हो जाने की स्थिति में क्षेत्र के ग्राम गोपालपुर, राजीपुर खद्दर, दरियापुर, गदापुर, शेरपुर, पांईदापुर, रामसराय, फजलाबाद, बहादरपुर मल्लीवाला, हसन गढ़ी, कमालपुरी, मुस्तापुर खण्डसाल, महदूद कलमी, बेगमपुर, खेमपुर, रूस्तमपुर, बीबीपुर आदि प्रभावित होने की संभावना रहती है। तहसील कांठ में रामगंगा नदी ग्राम दरियापुर से निकलकर पाइंदापुर, गोपालपुर, गुलडि़या, फरीदपुर भैंड़ी, महदूद कलमी, हसन गढ़ी, बीवीपुर, सलावा होती हुई मुरादाबाद क्षेत्र में प्रवेश करती है।
रामगंगा पर निगरानी बढाई
यहां बता दें कि अभी रामगंगा नदी खतरे के निशान से महज तीन फुट नीचे ही बह रही है। जबकि मैदानी इलाकों के साथ पहाड़ों पर हो रही मूसलाधार बारिश से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय बाढ़ खंड के अधिकारी लगातार उत्तराखंड के कालागढ़ डैम के अधिकारीयों के सम्पर्क में है। बांध से पानी छोड़े जानी की स्थिति में जानकारी दी जायेगी।