नदी अभी भी खतरे के निशान से उपर बह रही है। गांवो के बाद अब शहर में नदी से सटे इलाकों में बाढ़ का पानी घुस रहा है।
मुरादाबाद: बीते 24 घंटे से अधिक समय से जनपद के 70 से अधिक गांवों में खतरा अभी कम नहीं हुआ है। रामगंगा नदी अभी भी खतरे के निशान से उपर बह रही है। गांवो के बाद अब शहर में नदी से सटे इलाकों में बाढ़ का पानी घुस रहा है। जिसने लोगों की सांसे और तेज कर दी हैं। यही नहीं तटीय इलाकों में लोगों ने सुरक्षित ठिकाने तलाश करने शुरू कर दिए हैं। उधर प्रशासन ने अगले 24 घंटे में पानी उतरने का दावा किया है। उसके मुताबिक बाढ़ की स्थिति अभी नियंत्रण में है। लोग अफवाहों में न आयें। खुद डीएम राकेश कुमार सिंह ने भी मंगलवार को बाढ़ प्रभावित कई गांवों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया।
पूरे दिन रही अफरा तफरी
मंगलवार को पूरे दिन शहर के रामगंगा विहार के निचले इलाके में पानी घुसने पर लोगों का हुजूम जमा रहा। इस दौरान बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र में आम लोगों को घुसने से पुलिस कर्मी रोकते रहे मगर लोग अनदेखी करते रहे। ऐसे में पुलिस प्रशासन ने रामगंगा के बाढ़ प्रभावित तटवर्ती स्थानों पर आम लोगों का प्रवेश वर्जित कर दिया है।
स्कूल खाली करवाए
वहीँ डिलारी स्थित कस्तूरबा गाधी आवासीय विद्यालय में भी छात्राओं की सुरक्षा की दृष्टि से उन्हें घर भेज दिया गया है। बीते दिनों रक्षाबंधन के चलते छात्राएं घर गई थीं। कुछ छात्राएं मंगलवार को विद्यालय पहुंची तो उन्हें घर वापस भेज दिया गया। खाली विद्यालय में अब इन दिनों बाढ़ चौकी खुल गई है। इसके अलावा डिलारी के चटकाली, मूंढापाडे, कुंदरकी व मुरादाबाद ब्लॉक के करीब 60 से ज्यादा स्कूल बाढ़ की चपेट में हैं। विद्यालय परिसर की दीवारों से सटकर बाढ़ का पानी बह रहा है।
ये तहसीलें सबसे ज्यादा प्रभावित
बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित ठाकुरद्वारा और कांठ तहसील हैं। यहां ज्यादातर गांव पानी से घिर चुके हैं। अंदर के इलाकों से सम्पर्क पूरी तरह टूट चुका है। लोग नाव या पीएसी के स्टीमर से ही आ जा रहे हैं। जबकि रात भर छत पर बैठकर पानी की निगरानी की जा रही है।
इन इलाकों में घुसा पानी
शहर में रामगंगा विहार,आशियाना, बँगला गांव,दसवां घाट, वारसी नगर पीतल नगरी,जामा मस्जिद का कुछ क्षेत्र समेत पडोसी गांव मछरिया और मूंडापाण्डेय में भी बाढ़ का पानी आ गया है।