खबर का बड़ा असर हुआ है। जिसमें स्कूल प्रबन्धन ने रातोंरात स्कूल को पुराने रंग में रंग दिया।
मुरादाबाद: सरकार बदलने के साथ अधिकारीयों की बदली सरकार भक्ति किसी से छिपी नहीं है। जिसमें सूबे के अलग अलग शहरों में कई सरकारी इमारतों को भगवा में रंग दिया गया। यही नहीं जनपद में स्कूल के साथ साथ जिला कारागार को भी भगवा में रंग दिया गया। दो दिन पहले पत्रिका ने प्रमुखता से बिलारी तहसील प्राथमिक विद्यालय खाबरी अव्वल के स्कूल को भगवा में रंग में रंगने की खबर चलाई थी। जिसमें स्थानीय विधायक ने भी स्कूल के रंग पर ऐतराज जताया था वहीँ अधिकारीयों ने जांच कर कार्यवाही की बात कही थी। अब इस खबर का बड़ा असर हुआ है। जिसमें स्कूल प्रबन्धन ने रातोंरात स्कूल को पुराने रंग में रंग दिया।
भगवा रंग में रंग दिया था स्कूल
यहां बता दें कि जनपद की तहसील बिलारी के एक सरकारी स्कूल की बिल्डिंग को सफेद रंग से भगवा रंग में रंगवा देने की खबर पत्रिका ने प्रमुखता से चलाई थी। सुर्खियां बनते ही आनन फानन में स्कूल की बिल्डिंग को भगवा रंग से फिर से सरकारी मानक के सफेद रंग में ही रंगवा दिया गया है। यही नहीं स्कूल की दीवार पर बने राष्ट्रीय ध्वज का स्वरूप भी सही कर दिया गया है।
विधायक ने भी जताई थी नाराजगी
स्कूल को भगवा गांव के प्रधान ने करवाया था। जैसे ही ये खबर फैली तो बिलारी के सपा विधायक मोहम्मद फहीम ने इसे गलत बताते हुए इसका विरोध भी किया था। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने स्कूल की सरकारी इमारत को भगवा रंग में रंगे जाने पर हैरानी जताते हुए कार्यवाही की बात कही थी।
पैसे का हुआ दुरपयोग
स्कूल के प्रधानाचार्य जुल्फिकार हुसैन ने बताया कि स्कूल की हर साल सरकारी पैसे से पुताई होती है लेकिन इस बार दो बार पुताई हो गयी। यानि कि सरकारी पैसे का दुरुयोग। लेकिन वो ये नहीं बता पाए कि पहले पुताई के नाम पर स्कूल का रंग भगवा क्यों किया गया था।
अधिकारीयों पर उठ रहे सवाल
वहीँ स्कूल प्रबन्धन के बैकफुट पर आने के बाद अब ये सवाल खड़े हो गए हैं कि उन अधिकारीयों पर भी क्या कार्यवाही होगी जिन्होंने मानकों को ताक पर रखते हुए स्कूल के रंग के साथ साथ राष्ट्रिय ध्वज से भी खिलवाड़ कर दिया था।
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