मुरादाबाद मंडल में बीते पांच महीने में 23 हजार यात्रियों ने बुकिंग के बाद टिकट वापस कर दिए।वहीँ यात्री अब सड़क मार्ग को ज्यादा तरजीह दे रहे हैं
मुरादाबाद: बुरी तरह से पटरी से उतरे रेल सञ्चालन ने अब रेलवे की इनकम पर भी असर दिखाना शुरू कर दिया है। यात्रियों के लिए समय और भरोसे की कसौटी पर अब रेल से सफ़र नहीं रहा। इसका आंकडा खुद रेलवे दे रहा है। उत्तर रेलवे के मुरादाबाद मंडल में बीते पांच महीने में 23 हजार यात्रियों ने बुकिंग के बाद टिकट वापस कर दिए।वहीँ यात्री अब सड़क मार्ग को ज्यादा तरजीह दे रहे हैं। इसकी बड़ी वजह एक साल से समय से ट्रेनों का बिगड़ा शेड्यूल और उनका अकारण रद्द होना भी शामिल है। हालात ये हैं कि अभी भी ट्रैक मरम्मत के नाम पर 14 जोड़ी ट्रेनें 30 जून तक रद्द हैं। वहीँ आधिकारी जल्द सुधार की बात कर रहे हैं।
इतने टिकट हुए वापस
विभाग के वाणिज्य विभाग के मुताबिक पांच महीने में आईआरसीटीसी व अन्य तरीके से बुक 23 हजार से ज्यादा यात्रियों ने बुकिंग के बाद टिकट लौटा दिए। इनमें जनवरी में 5490,फरवरी में 3842,मार्च में 4326,अप्रैल में 5245 और मई में 4207 टिकट वापस किये गए।जाहिर सी बात है इतनी बड़ी मात्रा में टिकट वापस होने से रेलवे को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
बोले अधिकारी जल्द सब होगा ठीक
वहीँ डीआरएम् अजय कुमार सिंघल के मुताबिक मंडल में रेल पटरियों को बदलने का काम लगभग पूरा हो चुका है। ट्रेनों को समय पर चलाने के लिए हर मुमकिन कोशिश की जा रही है। कुछ ट्रेनों को समय पर चलाने में सफलता भी मिली है। चूंकि मुरादाबाद रेल मंडल रनिंग के लिहाज से सबसे लम्बा है। इसलिए स्टाफ को भी अलर्ट किया गया है। जल्द ही सबकुछ ठीक होगा।
14 जोड़ी ट्रेनें पहले से रद्द
यहां बता दें कि 26 मई से 30 जून तक मुरादाबाद मंडल से गुजरने वाली 14 यात्री ट्रेनें रद्द की गयीं हैं। ये सभी ट्रेनें पंजाब और दिल्ली रूट से पूर्वी भारत जाती हैं। जिससे हजारों यात्री रोजाना सफर करते हैं। इसके अलावा दर्जन भर से अधिक ट्रेनें एक दो नहीं कई कई घंटे लेट चल रहीं हैं। ट्रेनों के बिगड़े शेड्यूल पर खुद रेल मंत्री ने भी नारजगी दिखाई थी। जिसके बाद अफसरों ने कुछ तेजी दिखाई। लेकिन अभी भी मुरादाबाद मंडल में 70 फीसदी ट्रेनें समय पर नहीं चल रहीं।
ये ट्रेनें चली लेट
बुधवार को न्यू जलपाईगुड़ी एक्सप्रेस ओने निर्धारित समय से साढ़े छ घंटे लेट आई। शहीद एक्सप्रेस सात घंटे,हिमगिरी सुपरफ़ास्ट एक घंटा,किसान एक्सप्रेस एक घंटा,राज्यरानी एक्सप्रेस दो घंटे दस मिनट,अवध असम एक्सप्रेस तीन घंटे और कुम्भ एक्सप्रेस भी दो घंटे देरी से चली। इसके अलावा भी रोजाना यात्री ट्रेनें कई कई घंटों की देरी से चल रही है।
अधिकारीयों पर उठ रहे सवाल
अधिकारीयों की कार्यप्रणाली पर इसलिए भी सवाल उठ रहे हैं क्यूंकि न अब कोहरा और न कोई और कारण,फिर भी ट्रेनों का शेड्यूल नहीं सुधर पा रहा। खुद रेलवे बोर्ड ने भी अधिकारीयों की मीटिंग में इस मौसम में यात्री ट्रेनों पर लेट लतीफी पर नारजगी जताई थी। क्यूंकि छुट्टियों में लोग घूमने या फिर यात्रा अधिक करते हैं। फ़िलहाल ट्रेनों का बिगड़ा शेड्यूल सामान्य कब तक होगा इसका जबाब अभी संतोषजनक नहीं मिल पा रहा है।