
Bhupendra Chaudhary Statement: मेरठ में बीए की छात्रा की हत्या का मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत 15 मई को हुई, जब रोहटा थाना क्षेत्र की रहने वाली बीए छात्रा परीक्षा देने के लिए अपने घर से निकली थी। परिजनों के अनुसार, परीक्षा समाप्त होने के बाद भी वह वापस घर नहीं लौटी। काफी तलाश के बावजूद जब उसका कोई सुराग नहीं मिला तो परिवार की चिंता बढ़ गई।
अगले दिन यानी 16 मई को परिजनों ने टीपीनगर थाने में छात्रा की गुमशुदगी दर्ज कराई। इसी रात परिवार ने अंकुश चौधरी नाम के युवक के खिलाफ नामजद तहरीर देते हुए आरोप लगाया कि वह छात्रा पर शादी का दबाव बना रहा था और उसी ने उसका अपहरण किया है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी और आरोपी की तलाश तेज कर दी।
17 मई को मामले ने उस समय गंभीर मोड़ ले लिया जब छात्रा का शव बरामद हुआ। शव मिलने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। इसके बाद पुलिस ने हत्या के एंगल से जांच शुरू की और कई महत्वपूर्ण सबूत जुटाए। पुलिस ने मामले की हर कड़ी को जोड़ते हुए तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई।
पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी अंकुश चौधरी और छात्रा कई वर्षों से एक-दूसरे को जानते थे। पूछताछ के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि छात्रा हाल के दिनों में किसी दूसरे युवक से बातचीत करने लगी थी। इसी बात से नाराज होकर उसने हत्या जैसी वारदात को अंजाम दिया। हालांकि पुलिस आरोपी के इस कथित बयान की पुष्टि अन्य साक्ष्यों के आधार पर भी कर रही है।
मेरठ छात्रा हत्याकांड को लेकर मुरादाबाद पहुंचे प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इस घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और मुख्यमंत्री स्वयं इस प्रकरण की जानकारी ले रहे हैं।
कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि इस तरह की घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है और इसे राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई कर रही है और जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी व्यक्ति के साथ पक्षपात नहीं किया जाएगा और सभी को न्याय मिलेगा।
अपने बयान के दौरान भूपेंद्र चौधरी ने समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों में वोट बैंक की राजनीति के आधार पर निर्णय लिए जाते थे, जबकि वर्तमान सरकार बिना किसी भेदभाव के कानून के अनुसार कार्रवाई करती है। उन्होंने कहा कि अपराधी चाहे कोई भी हो, उसे कानून के दायरे में लाया जाएगा।
कैबिनेट मंत्री ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत को लेकर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष लगातार हिंदू धार्मिक स्थलों, मठ-मंदिरों और धर्मगुरुओं के खिलाफ नकारात्मक माहौल बनाने का प्रयास करता रहा है। उनके अनुसार, जनता अब ऐसे राजनीतिक एजेंडे को समझ चुकी है और विकास तथा सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को प्राथमिकता दे रही है।
भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि विपक्ष को इस बात से असहजता है कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हुआ और सरकार देश की सांस्कृतिक विरासत तथा आस्था से जुड़े विषयों को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि जनता बार-बार एक ही तरह की राजनीति को स्वीकार नहीं करेगी और कानून व्यवस्था के मामलों में सरकार अपनी जिम्मेदारी पूरी मजबूती से निभाती रहेगी।