Terrorist Arrest: मुरादाबाद से गिरफ्तार आईएस संदिग्ध हारिश आतंकी हमले के लिए फंडिंग जुटा रहा था। एटीएस की जांच में सामने आया कि उसने आईएस हैंडलर से संपर्क किया और अपने ग्रुप में जिहादी गतिविधियों के लिए साथियों को शामिल किया।
Terror Funding Case: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से गिरफ्तार आईएस से जुड़े संदिग्ध आतंकी हारिश को लेकर जांच एजेंसियों के सामने लगातार चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। एटीएस की जांच में यह सामने आया है कि वह आतंकी हमले को अंजाम देने के लिए सक्रिय रूप से फंडिंग जुटा रहा था। बीते कुछ महीनों में उसके बैंक खाते में कई संदिग्ध स्रोतों से रकम ट्रांसफर की गई थी, जिससे उसकी गतिविधियों पर एजेंसियों का शक गहरा गया।
पूछताछ के दौरान जब एटीएस अधिकारियों ने उससे इस फंडिंग को लेकर सवाल किए तो उसने शुरुआत में चुप्पी साध ली और खुद को निर्दोष बताता रहा। हालांकि जब अधिकारियों ने उसके लैपटॉप और मोबाइल फोन से मिले डिजिटल सबूतों का हवाला दिया, तो उसने आईएस के हैंडलर के संपर्क में होने की बात कबूल कर ली। यह खुलासा जांच को और गंभीर बना रहा है और अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क से उसके संबंधों की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं।
जानकारी के मुताबिक, सहारनपुर निवासी हारिश मुरादाबाद के एक कॉलेज में बीडीएस की पढ़ाई कर रहा था। उसकी गिरफ्तारी 15 मार्च को एटीएस द्वारा की गई थी, जिसके बाद उसे लखनऊ लाया गया। मंगलवार को उसे लखनऊ जेल से रिमांड पर लेकर एटीएस ने गहन पूछताछ की, जिसमें कई अहम जानकारियां सामने आईं।
जांच के दौरान एटीएस ने हारिश के साथ पढ़ने वाले छात्रों और उसके करीबी लोगों से भी पूछताछ की। साथियों ने बताया कि उसकी गतिविधियां लंबे समय से संदिग्ध थीं। वह अधिकांश समय अपने लैपटॉप और मोबाइल पर व्यस्त रहता था और उससे मिलने के लिए अक्सर बाहरी लोग आते-जाते रहते थे, जिससे उसकी गतिविधियों पर संदेह और बढ़ गया।
एटीएस ने जांच के दौरान उन लोगों की भी पहचान की है, जिन्हें हारिश ने अपने नेटवर्क में शामिल किया था। इन लोगों को कथित तौर पर जिहादी गतिविधियों के लिए तैयार किया जा रहा था। अब एजेंसी इन संदिग्ध साथियों से हारिश का आमना-सामना कराने की तैयारी कर रही है, जिससे नेटवर्क के अन्य सदस्यों और साजिश की गहराई तक पहुंचा जा सके।