मुरादाबाद

कानपुर ITBP मामला गरमाया: मुरादाबाद में ब्रजेश पाठक का बड़ा बयान, बोले- हर हाल में मिलेगा न्याय

Brajesh Pathak Statement: कानपुर में ITBP जवान की मां का हाथ काटे जाने के मामले पर मुरादाबाद पहुंचे डिप्टी CM ब्रजेश पाठक ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया है और निष्पक्ष जांच कराकर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाएगा।
2 min read
Brajesh Pathak
डिप्टी CM ब्रजेश पाठक (Photo ANI)

ITBP Jawan Case: मुरादाबाद पहुंचे उत्तर प्रदेश के डिप्टी मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कानपुर से सामने आए ITBP जवान के मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार ने इस पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को हर हाल में न्याय दिलाना सरकार की जिम्मेदारी है और मामले में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

ब्रजेश पाठक ने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या अन्याय को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मामले की निष्पक्ष जांच के आदेश दिए गए हैं और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। सरकार पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।

क्या है कानपुर ITBP मामला?

कानपुर में एक निजी अस्पताल पर इलाज में लापरवाही के गंभीर आरोप लगे हैं। मामला टाटमिल स्थित कृष्णा हॉस्पिटल से जुड़ा है, जहां एक महिला को सांस लेने की दिक्कत के बाद भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि इलाज में हुई चूक के कारण संक्रमण फैल गया और स्थिति इतनी बिगड़ गई कि बाद में महिला का एक हाथ काटना पड़ा।

परिवार का आरोप

32वीं बटालियन में तैनात आईटीबीपी कांस्टेबल विकास सिंह की मां निर्मला देवी को 13 मई को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का कहना है कि गलत इलाज की वजह से संक्रमण तेजी से बढ़ा और स्थिति गंभीर हो गई। बाद में उन्हें दूसरे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने संक्रमण को जानलेवा बताया और 17 मई को महिला का एक हाथ काटना पड़ा।

न्याय की मांग में उठाया गया भावुक कदम

न्याय की तलाश में कांस्टेबल विकास सिंह ने कई बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाए, लेकिन सुनवाई न होने पर वे अपनी मां का कटा हुआ हाथ एक थैली में लेकर पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंच गए। इस घटना के बाद वहां हड़कंप मच गया और मामला पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया।

पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की जांच पर सवाल

घटना के बाद पुलिस आयुक्त ने मामले की जांच सीएमओ टीम को सौंपी थी, लेकिन टीम द्वारा अस्पताल को क्लीन चिट दिए जाने के बाद विवाद और गहरा गया। अब डिप्टी सीएम के बयान के बाद मामले की दोबारा और गंभीर जांच की मांग तेज हो गई है।

Updated on:
24 May 2026 03:48 pm
Published on:
24 May 2026 03:48 pm