Chaitra Navratri: यूपी के मुरादाबाद में चैत्र नवरात्र का शुभारंभ श्रद्धा और भक्ति के साथ हुआ। मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी, वहीं घरों में विधि-विधान से घट स्थापना कर मां दुर्गा की पूजा-अर्चना शुरू की गई।
Chaitra Navratri 2026: मुरादाबाद में चैत्र नवरात्र का शुभारंभ पूरे श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ हुआ। सुबह से ही शहर के घरों और मंदिरों में विधि-विधान के साथ घट स्थापना की गई। श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा का आह्वान करते हुए पूजा-अर्चना शुरू की और अपने परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की। नवरात्र के पहले दिन से ही वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया, जहां हर ओर माता रानी के जयकारे सुनाई दिए। शहर के लोगों में इस पर्व को लेकर विशेष उत्साह देखा गया, जो नौ दिनों तक जारी रहने की उम्मीद है।
शहर के प्रमुख मंदिरों, खासकर लालबाग स्थित प्राचीन काली मंदिर में सुबह 5 बजे से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं। बड़ी संख्या में भक्त माता के दर्शन के लिए पहुंचे और “जय माता दी” के जयकारों के साथ पूजा-अर्चना की। मंदिर परिसर में सुरक्षा और व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा गया, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। भक्तों ने नारियल, चुनरी, फूल-मालाएं चढ़ाकर मां का आशीर्वाद लिया और परिवार की खुशहाली की कामना की।
चैत्र नवरात्र के अवसर पर शहर के विभिन्न मंदिरों में हवन-पूजन, भजन-कीर्तन और आरती का आयोजन किया गया। धार्मिक आयोजनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। मंदिरों में विशेष सजावट की गई, जिससे आस्था का माहौल और भी भव्य नजर आया। जगह-जगह भक्ति गीतों और माता के भजनों की धुनों से शहर गूंज उठा, जिससे श्रद्धालुओं में और अधिक उत्साह देखने को मिला।
मंदिरों के साथ-साथ घरों में भी भक्तों ने पूरे विधि-विधान से मां दुर्गा की पूजा की। श्रद्धालुओं ने पान, सुपारी, नारियल और चुनरी अर्पित कर माता की आराधना की और व्रत-उपवास की शुरुआत की। परिवार के सभी सदस्य मिलकर पूजा में शामिल हुए, जिससे घरों में धार्मिक माहौल बना रहा। नवरात्र के इन नौ दिनों में लोग संयम, श्रद्धा और भक्ति के साथ मां दुर्गा की उपासना करेंगे और अपने जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना करेंगे।
चैत्र नवरात्र का यह पावन पर्व अब पूरे नौ दिनों तक आस्था और उत्सव के रूप में मनाया जाएगा। इन दिनों श्रद्धालु व्रत रखकर मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा करेंगे और अंतिम दिन राम नवमी के साथ इस पर्व का समापन होगा। प्रशासन की ओर से भी मंदिरों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सुरक्षा और सफाई व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं। श्रद्धालुओं में इस दौरान दान-पुण्य और सेवा कार्यों को लेकर भी खास उत्साह देखा जा रहा है, जिससे पूरे शहर में धार्मिक और सकारात्मक माहौल बना हुआ है।