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Sambhal Dispute Highcourt: संभल में धार्मिक आयोजन को लेकर चल रहे विवाद पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए 1995 से चली आ रही परंपरा को बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने साफ कहा कि किसी भी व्यक्ति को उसके निजी परिसर में प्रार्थना या धार्मिक आयोजन करने से रोका नहीं जा सकता, चाहे वह किसी भी धर्म को मानता हो।
इस मामले में कोर्ट ने संभल के पुलिस अधीक्षक और जिलाधिकारी की कार्यशैली पर भी नाराजगी जाहिर की। पूर्व सुनवाई के दौरान 27 फरवरी को अदालत ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा था कि यदि अधिकारी कानून का राज स्थापित नहीं कर सकते तो उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए या स्थानांतरण करा लेना चाहिए।
जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस सिद्धार्थ नंदन की बेंच ने प्रस्तुत तस्वीरों का अवलोकन करने के बाद कहा कि संबंधित ढांचा वर्तमान में मस्जिद की श्रेणी में नहीं आता। हालांकि कोर्ट ने यह भी माना कि इस स्थान का उपयोग पहले नमाज अदा करने के उद्देश्य से किया जाता रहा है, इसलिए यहां नमाज पढ़ने पर रोक नहीं लगाई जा सकती।
प्रशासन द्वारा कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए नमाजियों की संख्या 20 तक सीमित करने का फैसला विवाद का मुख्य कारण बना। याचिकाकर्ता मुनाजिर खान ने इसे अपनी धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन बताया और अदालत में चुनौती दी।
याचिका में मुनाजिर खान ने दावा किया कि उनके बाबा ने 1995 में इस स्थान का निर्माण कराया था और तब से यहां नियमित रूप से नमाज अदा की जाती रही है। कोर्ट ने इस परंपरा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन को निर्देश दिया कि इसे जारी रखा जाए।
हालांकि अदालत ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता ने पूरी तरह सटीक जानकारी प्रस्तुत नहीं की। कोर्ट के अनुसार यह एक दो मंजिला मकान है, जिसमें कई कमरे हैं और उनमें नमाज पढ़ी जाती है, लेकिन इसे औपचारिक रूप से मस्जिद नहीं कहा जा सकता।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि वह किसी की निजी संपत्ति या धार्मिक गतिविधियों में हस्तक्षेप नहीं करती। यदि किसी व्यक्ति के धार्मिक अधिकारों में बाधा डाली जाती है तो प्रशासन सुरक्षा उपलब्ध कराता है।
अपने आदेश में कोर्ट ने देश की विविधता का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत की ताकत उसकी सांस्कृतिक, धार्मिक और भाषाई विविधता में निहित है। 1.4 अरब की आबादी वाले इस देश में विभिन्न धर्मों और संस्कृतियों का सह-अस्तित्व ही इसकी सबसे बड़ी विशेषता है।
Updated on:
19 Mar 2026, 11:25 AM IST
Published on:
19 Mar 2026, 11:25 AM IST
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