मुरादाबाद

गागन नदी हादसे के बाद मुरादाबाद प्रशासन अलर्ट, 15 दिन में बनेगा सुरक्षित अस्थायी पुल

Moradabad News: मुरादाबाद के चौधरपुर में गागन नदी हादसे के बाद प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। मंडलायुक्त संगीता सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण कर 15 दिनों के भीतर सुरक्षित अस्थायी सेतु बनाने के निर्देश दिए हैं।
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गागन नदी हादसे के बाद मुरादाबाद प्रशासन अलर्ट..

Gagan River Bridge Moradabad:मुरादाबाद जिले के राजस्व ग्राम चौधरपुर (मलंगदत्ता) में गागन नदी पर बने कच्चे पुल से उतरते समय शुक्रवार शाम हुए हादसे के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है। घटना के अगले ही दिन शनिवार को मंडलायुक्त संगीता सिंह ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने नदी, कच्चे पुल और वहां से लोगों के आवागमन की मौजूदा स्थिति को करीब से देखा। इस दौरान अधिकारियों से हादसे से जुड़ी परिस्थितियों और क्षेत्रवासियों के सामने आ रही परेशानियों के बारे में विस्तृत जानकारी ली गई।

सुरक्षा को बताया पहली प्राथमिकता

निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने साफ किया कि लोगों की जान और सुरक्षा के साथ किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वर्तमान मार्ग की स्थिति को देखते हुए लोगों को किसी भी तरह का जोखिम उठाकर नदी पार करने की स्थिति में नहीं छोड़ा जाना चाहिए। प्रशासन को तत्काल ऐसे कदम उठाने होंगे, जिससे स्थानीय आबादी को सुरक्षित तरीके से अपने दैनिक कामकाज के लिए आवागमन की सुविधा मिल सके।

खतरनाक रास्ते पर आवाजाही रोकने के निर्देश

मौके की स्थिति देखने के बाद मंडलायुक्त ने असुरक्षित मार्ग से लोगों की आवाजाही रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जब तक सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था तैयार नहीं होती, तब तक लोगों को जोखिम वाले रास्ते से नदी पार करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। प्रशासन का जोर इस बात पर है कि सुरक्षा के साथ-साथ स्थानीय लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों और आवागमन को भी ध्यान में रखते हुए व्यावहारिक समाधान तैयार किया जाए।

15 दिन में तैयार होगा अस्थायी सेतु

15 दिन में तैयार होगा अस्थायी सेतु

मंडलायुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट समय-सीमा देते हुए 15 दिवस के भीतर सुरक्षित अस्थायी सेतु तैयार कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्थायी पुल के निर्माण की प्रक्रिया पूरी होने में समय लग सकता है, लेकिन तब तक लोगों को असुरक्षित कच्चे रास्ते के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता। इसलिए मजबूत और सुरक्षित अस्थायी सेतु तैयार करना तत्काल जरूरी है। संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ इस काम को तेजी से पूरा करने के लिए कहा गया है।

स्थायी पुल के लिए पहले ही भेजा गया था प्रस्ताव

निरीक्षण के दौरान एसडीएम सदर ने मंडलायुक्त को स्थायी सेतु निर्माण की चल रही प्रक्रिया की जानकारी दी। अधिकारियों के मुताबिक, इस मार्ग पर स्थायी पुल की आवश्यकता को देखते हुए पहले ही प्रस्ताव तैयार कर भेजा जा चुका है। मुख्य अभियंता लोक निर्माण विभाग की ओर से मार्च 2026 में सेतु निर्माण से संबंधित प्रस्ताव मुख्य अभियंता (सेतु), लोक निर्माण विभाग, लखनऊ को भेजा गया था। इससे स्पष्ट है कि इस क्षेत्र में स्थायी पुल की जरूरत को लेकर विभागीय स्तर पर प्रक्रिया पहले से चल रही थी।

संशोधित प्रस्ताव भी शासन तक पहुंचा

स्थायी सेतु को लेकर प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए संशोधित प्रस्ताव भी तैयार किया गया है। मौके पर मौजूद अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग और परियोजना प्रबंधक सेतु निगम ने मंडलायुक्त को बताया कि संशोधित प्रस्ताव जून 2026 में मुख्य अभियंता (सेतु), लोक निर्माण विभाग, लखनऊ को भेजा जा चुका है। अब प्रस्ताव की स्वीकृति और उसके बाद निर्माण प्रक्रिया शुरू होने की दिशा में आगे की कार्रवाई का इंतजार है।

प्रस्ताव की मंजूरी के लिए होगी पैरवी

मंडलायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्थायी सेतु के प्रस्ताव को जल्द मंजूरी दिलाने के लिए प्रभावी पैरवी की जाए। उन्होंने संबंधित विभागों से प्रस्ताव की प्रगति पर लगातार नजर रखने और शासन स्तर पर आवश्यक समन्वय बनाए रखने को कहा। प्रशासन का मानना है कि स्थायी पुल बनने के बाद इस क्षेत्र के लोगों को लंबे समय तक सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सकेगी।

अधिकारियों को दी गई स्पष्ट जिम्मेदारी

अस्थायी सेतु के निर्माण और स्थायी पुल की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए मंडलायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारियां स्पष्ट रूप से निभाने के निर्देश दिए। एसडीएम सदर, अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग और परियोजना प्रबंधक सेतु निगम को आपसी समन्वय के साथ काम करने को कहा गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि तय जिम्मेदारी को निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जाना चाहिए और काम में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

निर्माण कार्य की होगी लगातार निगरानी

मंडलायुक्त ने अस्थायी सेतु के निर्माण की प्रगति पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। अधिकारियों को कहा गया कि निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा होने के साथ-साथ सुरक्षा मानकों के अनुरूप भी होना चाहिए। काम के दौरान किसी तरह की तकनीकी या प्रशासनिक बाधा सामने आती है तो उसका तत्काल समाधान किया जाए, ताकि 15 दिन की समय-सीमा प्रभावित न हो।

हादसे में मदद करने वालों को मिलेगा सम्मान

निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने हादसे के समय राहत और बचाव कार्य में सहयोग करने वाले स्थानीय नागरिकों की भूमिका की भी सराहना की। उन्होंने निर्देश दिया कि ऐसे लोगों की पहचान की जाए, जिन्होंने मुश्किल समय में मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य में प्रशासन और प्रभावित लोगों की मदद की। इन मददगार नागरिकों को सम्मानित करने की पहल का उद्देश्य आपदा या दुर्घटना की स्थिति में सामुदायिक सहयोग और मानवीय संवेदनाओं को प्रोत्साहित करना है।

भविष्य में हादसा रोकने पर फोकस

भविष्य में हादसा रोकने पर फोकस

मंडलायुक्त ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न हो। इसके लिए अस्थायी सेतु बनने तक असुरक्षित मार्ग पर आवाजाही को नियंत्रित करना और लोगों के लिए सुरक्षित वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध कराना जरूरी है। प्रशासन की प्राथमिकता तत्काल राहत तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य में क्षेत्रवासियों को सुरक्षित आवागमन का स्थायी समाधान उपलब्ध कराना भी है।

स्थायी समाधान की ओर बढ़ेगा काम

गागन नदी पर स्थायी सेतु निर्माण का प्रस्ताव पहले ही विभागीय स्तर से भेजे जाने और संशोधित प्रस्ताव के लखनऊ पहुंचने के बाद अब उसकी स्वीकृति पर नजर है। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो आगे निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी। वहीं, स्थायी पुल बनने तक 15 दिनों में अस्थायी सेतु तैयार कराने की योजना को तत्काल प्राथमिकता दी गई है। इससे स्थानीय लोगों को असुरक्षित कच्चे रास्ते से राहत मिलने की उम्मीद है।

Updated on:
30 Aug 2026 02:24 pm
Published on:
30 Aug 2026 02:24 pm