मुरादाबाद

अबीर-गुलाल से सजा आसमान: ढोल-नगाड़ों की थाप पर झूमा मंडल, मुरादाबाद में दिखा होली का उत्सव

Holi in Moradabad: मुरादाबाद मंडल में होली का पर्व उत्साह, उमंग और भाईचारे के साथ मनाया गया। रामपुर, अमरोहा और संभल समेत पूरे क्षेत्र में रंग, गुलाल, पिचकारियों और मिठाइयों की जमकर बिक्री हुई।

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मुरादाबाद में दिखा होली का उत्सव..

Holi Celebration Moradabad: मुरादाबाद मंडल में इस वर्ष होली का पर्व अभूतपूर्व उत्साह, भाईचारे और उमंग के साथ मनाया गया। रामपुर, अमरोहा और संभल समेत पूरे क्षेत्र में सुबह की पहली किरण के साथ ही रंगों का सिलसिला शुरू हो गया। घरों से निकलकर लोग एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाते नजर आए। बच्चों की टोलियां गलियों में पिचकारियों के साथ दौड़ती दिखीं, तो युवाओं ने ढोल-नगाड़ों की थाप पर जमकर नृत्य किया।

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खरीदारी ने बढ़ाई त्योहार की चमक

होली से एक दिन पहले शहर के प्रमुख बाजारों में सुबह से ही ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। टाउनहॉल, गंज बाजार, लाइनपार, ताड़ीखाना, गुरहट्टी, जीएमडी रोड, रामगंगा विहार और बुद्धि विहार जैसे इलाकों में रंग और पिचकारी की दुकानों पर लंबी कतारें देखने को मिलीं।

लाल, पीले, हरे, नीले और गुलाबी रंगों से सजी दुकानों ने पूरे शहर को उत्सव के रंग में रंग दिया। इस बार पैकेट बंद प्राकृतिक रंगों की मांग सबसे अधिक रही, हालांकि खुले रंगों की बिक्री भी जोरों पर रही। बच्चों के लिए कार्टून थीम पिचकारियां और युवाओं के लिए डिजाइनर पिचकारियां खास आकर्षण का केंद्र बनीं। “हैप्पी होली” और दिल डिजाइन वाले चश्मे, जयपुरी प्रिंट की टोपियां और धार्मिक संदेश लिखी कैप युवाओं में लोकप्रिय रहीं।

मिठाइयों की दुकानों पर लगी लंबी कतारें

होली की असली मिठास बाजारों में भी देखने को मिली। दिल्ली रोड, पीली कोठी, गांधी नगर और ताड़ीखाना क्षेत्र की प्रसिद्ध मिठाई दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ देर रात तक बनी रही। गुजिया, नमकीन, मठरी और अन्य पारंपरिक पकवानों की मांग में जबरदस्त इजाफा हुआ।

कई दुकानों पर लोगों को अपनी बारी के लिए इंतजार करना पड़ा। ठंडाई, कोल्ड ड्रिंक और विशेष होली ऑफरों ने बिक्री को नई ऊंचाई दी। परिवारों ने एक-दूसरे के घर जाकर मिठाइयों के साथ शुभकामनाएं दीं, जिससे पर्व की मिठास और भी बढ़ गई।

गीत-संगीत और रंगों की मस्ती से झूमता रहा शहर

शहरभर में पारंपरिक होली गीतों की धुन पर लोग झूमते नजर आए। “होली खेले रघुवीरा” और “होली के दिन दिल खिल जाते हैं” जैसे गीतों ने माहौल को और भी रंगीन बना दिया। गली-मोहल्लों में बच्चों ने छतों से पानी के गुब्बारे फेंके, जबकि युवाओं की टोलियां सड़कों पर रंग उड़ाती दिखीं। राह चलते लोगों को भी रंग लगाकर पर्व की खुशियां साझा की गईं। जगह-जगह डीजे और ढोल की थाप ने उत्सव को चरम पर पहुंचा दिया।

शोभायात्रा और सुरक्षा के कड़े इंतजाम

होली के अवसर पर 84 घंटा मंदिर से भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। जिले में कुल 1529 स्थानों पर विधि-विधान से होलिका दहन संपन्न हुआ। पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से मनाने के लिए प्रशासन और पुलिस ने विशेष सतर्कता बरती। संवेदनशील और मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।

जगह-जगह गश्त बढ़ाई गई और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी गई। अधिकारियों ने लगातार भ्रमण कर स्थिति पर नजर बनाए रखी, जिससे पूरा त्योहार सौहार्द और शांति के माहौल में संपन्न हो सका।

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