Moradabad News: यूपी के मुरादाबाद में तेंदुए के हमले से किसान गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि एक दिन पहले बच्ची पर भी हमला हुआ था। लगातार हो रही घटनाओं से कई गांवों में दहशत का माहौल है।
Leopard Attack Moradabad: मुरादाबाद के कांठ थाना क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया, जब गन्ना काट रहे 40 वर्षीय किसान कपिलदेव सिंह पर तेंदुए ने अचानक हमला कर दिया। सुबह के समय खेत में काम कर रहे किसान को जरा भी अंदाजा नहीं था कि गन्ने की फसल में घात लगाए बैठा जंगली जानवर उन पर झपट पड़ेगा। तेंदुए के हमले के बाद खेत में अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोग डर के मारे इधर-उधर भागने लगे।
कपिलदेव की चीख सुनते ही पास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीण तुरंत लाठी-डंडे लेकर मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने जोर-जोर से शोर मचाया और तेंदुए को डराने की कोशिश की। लोगों की भीड़ और शोर-शराबा देखकर तेंदुआ कुछ ही देर में वहां से भाग निकला। ग्रामीणों की तत्परता के चलते किसान की जान बच सकी, लेकिन वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना के समय कपिलदेव सिंह अपने खेत में बीज के लिए गन्ना काट रहे थे। उसी दौरान गन्ने की घनी फसल में छिपा तेंदुआ अचानक बाहर निकला और उन पर हमला कर दिया। खेत में मौजूद अन्य ग्रामीण इस घटना के चश्मदीद बने। अचानक हुए इस हमले ने सभी को दहशत में डाल दिया।
तेंदुए के हमले में कपिलदेव सिंह के माथे, चेहरे और कंधे पर गहरे घाव हो गए। पंजों के वार इतने तेज थे कि उनके शरीर पर कई जगह गहरी चोटें आईं। परिजन और ग्रामीण उन्हें तुरंत कांठ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
हमले के बाद ग्रामीणों ने गन्ने के उस खेत को घेर लिया, जहां तेंदुआ छिपा हुआ था। लाठी-डंडों के साथ काफी देर तक खेतों में तलाश की गई, लेकिन तेंदुए का कोई सुराग नहीं मिला। इससे ग्रामीणों में और अधिक डर बैठ गया कि तेंदुआ अभी भी आसपास ही मौजूद है।
इस घटना से एक दिन पहले पास के गांव राजीपुर खद्दर में भी तेंदुए ने हमला किया था। वहां छत पर अपनी मां पिंकी के साथ सो रही 6 वर्षीय बच्ची दिया को तेंदुए ने घायल कर दिया था। लगातार दो घटनाओं ने इलाके में दहशत का माहौल बना दिया है और लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। वन रेंजर ग्रीशचंद्र श्रीवास्तव, डिप्टी रेंजर पुष्पेंद्र सिंह और वन दरोगा राजेंद्र सिंह ने टीम के साथ इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया। ग्रामीणों की मांग पर विभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने का आश्वासन दिया है, ताकि जल्द से जल्द इस खतरे से राहत मिल सके।