
मुरादाबाद। डिप्टी कमिश्नर मनरेगा (MANREGA) को सस्पेंड करने का मामला सामने आया है। उन पर मुख्य विकास अधिकारी (CDO) से अभद्रता करने का आरोप है। डीएम (DM) की रिपोर्ट पर आयुक्त ग्राम्य विकास विभाग के अनुसचिव ने यह कार्रवाई की है। डीएम राकेश कुमार सिंह का कहना है कि शासन ने डिप्टी कमिश्नर मनरेगा के खिलाफ यह कार्रवाई की है।
दिसंबर में हुई थी बैठक
जानकारी के अनुसार, पिछले साल दिसंबर (December) में विकास कार्यों की समीक्षा के लिए एक बैठक बुलाई गई थी। मुख्य विकास अधिकारी मृदुल चौधरी को मनरेगा के काम को लेकर कुछ शिकायतें मिली थीं। बैठक में पेश की गई रिपोर्ट भी संतोषजनक नहीं थी। इस मामले में सीडीओ ने डिसी मनरेगा मनीष कुमार से प्रश्न पूछे लेकिन उनका सही-सही जवाब नहीं मिला। इस पर सीडीओ नाराज हो गए और उन्होंने तल्ख टिप्पणी कर दी। आरोप है कि मनीष कुमार उनसे बहस करने लगे। मनीष कुमार के इस व्यवहार पर सीडीओ ने उनको फटकार लगाई। इसे बाद डिप्टी कमिश्नर मनरेगा फाइल वहां रखकर बैठक से चले गए।
डीएम की रिपोर्ट पर हुई कार्रवाई
इस मामले में डीएम राकेश कुमार सिंह ने एक रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजी थी। डीएम की रिपोर्ट पर आयुक्त ग्राम्य विकास विभाग के अनुसचिव डॉ. अमरीश कुमार सिंह ने मनीष कुमार को सस्पेंड करने के आदेश दे दिए। डीएम राकेश कुमार सिंह का कहना है कि आदेश मिल गया है। सीडीओ से व्यवहार को लेकर डिप्टी कमिश्नर मनरेगा को सस्पेंड किया गया है।