
ST Hasan on Ram Mandir: अयोध्या स्थित राम मंदिर में दान चोरी के मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। इसी बीच मुरादाबाद से समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद डॉ. एसटी हसन ने इस पूरे मामले पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जिस मंदिर को करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र माना जाता है, वहां इस तरह की घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और गंभीर है। उन्होंने कहा कि इस मामले में किसी भी दोषी को बचाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए और जांच पूरी निष्पक्षता के साथ होनी चाहिए।
डॉ. एसटी हसन ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के मंदिर की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले लोगों के साथ किसी प्रकार की नरमी नहीं बरती जानी चाहिए। उनका कहना था कि जो लोग मंदिर की दान राशि लेकर फरार हुए, उनकी जगह जेल में होनी चाहिए थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्रवाई केवल छोटे लोगों तक सीमित दिखाई दे रही है, जबकि बड़े जिम्मेदार लोगों पर अब तक कोई सख्त कदम नजर नहीं आ रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि छोटी मछलियों को पकड़ा जा सकता है तो बड़े मगरमच्छों को क्यों छोड़ा जा रहा है।
पूर्व सांसद ने कहा कि यदि वास्तव में भगवान श्रीराम के प्रति आस्था और श्रद्धा है तो उनके मंदिर के भीतर हुई इस कथित नापाक हरकत के दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कानून सबके लिए बराबर होना चाहिए और चाहे कोई कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसके खिलाफ भी समान कार्रवाई होनी चाहिए। उनका कहना था कि आस्था के नाम पर राजनीति करने वालों को अब इस मामले में अपनी प्रतिबद्धता साबित करनी चाहिए।
डॉ. एसटी हसन ने अपने बयान में यह भी कहा कि जिन लोगों की वजह से कुछ राजनीतिक दल सत्ता के शीर्ष तक पहुंचे, उसी आस्था का अब सही तरीके से सम्मान नहीं किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भगवान श्रीराम के नाम का उपयोग केवल राजनीतिक और दुनियावी लाभ हासिल करने के लिए किया गया। उन्होंने कहा कि यदि वास्तव में राम के आदर्शों और मर्यादा का सम्मान किया जाता, तो मंदिर में हुई चोरी जैसे मामले में दोषियों के खिलाफ बिना किसी भेदभाव के कठोर कार्रवाई होती।
राम मंदिर दान चोरी का मामला अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन चुका है। विपक्ष लगातार इस प्रकरण में निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग कर रहा है, जबकि जांच एजेंसियां मामले की जांच में जुटी हुई हैं। ऐसे में पूर्व सांसद डॉ. एसटी हसन का यह बयान राजनीतिक बहस को और तेज करने वाला माना जा रहा है। आने वाले दिनों में इस मामले में जांच की दिशा और कार्रवाई पर सभी की नजरें बनी रहेंगी।