1 जुलाई 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कमाल अख्तर के इस्तीफे के बाद रुचि वीरा के घर कटा 53 फीट का केक, सांसद बोली- ‘बीजेपी से लड़ना है, आपस में नहीं’

UP Politics: सपा सांसद रुचि वीरा और विधायक कमाल अख्तर के बीच गुटबाजी के बीच कमाल अख्तर ने मुख्य सचेतक पद से इस्तीफा दे दिया। रुचि वीरा के आवास पर अखिलेश यादव के जन्मदिन पर 53 फीट का केक काटा गया। जानिए विवाद और सियासी संदेश।
2 min read
Google source verification
akhilesh yadav, ruchi veera, kamal akhtar

कमाल अख्तर और रूचि वीरा | फोटो सोर्स- patriak.com

MP Ruchi Veera and Kamal Akhtar: उत्तर प्रदेश की राजनीति और समाजवादी पार्टी (सपा) के अंदर की आपसी लड़ाई अब सबके सामने आ गई है। मुरादाबाद की सपा सांसद रुचि वीरा और सपा विधायक कमाल अख्तर के बीच काफी समय से विवाद चल रहा था। खबर है कि अखिलेश यादव के निर्देश पर मंगलवार को कमाल अख्तर ने विधानसभा के मुख्य सचेतक के पद से इस्तीफा दे दिया है। कमाल अख्तर के इस्तीफा देते ही रुचि वीरा के घर पर जश्न का माहौल बन गया। वहां अखिलेश यादव के जन्मदिन के बहाने 53 फीट लंबा केक काटा गया। रुचि वीरा के समर्थक इसे अपनी बड़ी जीत मान रहे हैं, वहीं सांसद रुचि वीरा का कहना है कि इस केक काटने का कमाल अख्तर के इस्तीफे से कोई कनेक्शन नहीं है।

क्यों शुरू हुआ था दोनों दिग्गज नेताओं में विवाद?

इस पूरे विवाद की शुरुआत 'पीडीए (PDA) पंचायत' का आयोजन बनी। इस कार्यक्रम में सांसद रुचि वीरा को नहीं बुलाया गया था, जिससे वह काफी नाराज थी। सांसद रुचि वीरा का मानना था कि उन्हें नजरअंदाज करने और कार्यक्रम से दूर रखने के पीछे कमाल अख्तर का हाथ है। इस बात से नाराज होकर रुचि वीरा ने सीधे पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव से शिकायत कर दी। मामला बड़ा हुआ तो अखिलेश यादव ने एक्शन लिया और कमाल अख्तर को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ गया। इस पर रुचि वीरा ने अखिलेश यादव की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने मेरी शिकायत पर ध्यान दिया, इसके लिए उनका धन्यवाद। वह सबको साथ लेकर चलने वाले नेता हैं।

इस्तीफे के तुरंत बाद काटा 53 फीट का केक

सियासी गलियारों में चर्चा इस बात को लेकर भी तेज है कि रुचि वीरा ने इससे पहले कभी भी अखिलेश यादव का जन्मदिन इतने बड़े पैमाने पर नहीं मनाया था। जैसे ही कमाल अख्तर के इस्तीफे की खबर मुरादाबाद पहुंची, रुचि वीरा के समर्थकों ने इसे अपनी राजनीतिक जीत मान लिया और जश्न की तैयारियां शुरू कर दी। जब खुद रुचि वीरा से पूछा गया कि इस्तीफे के ठीक बाद इतना बड़ा केक क्यों काटा जा रहा है, तो उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि यह कार्यक्रम पूरी तरह अचानक तय हुआ था और इसका कमाल अख्तर के इस्तीफे से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि कमाल अख्तर से उनकी कोई निजी दुश्मनी या जमीन-जायदाद का विवाद नहीं है, जो भी राजनीतिक शिकायत थी वो उन्होंने अपने नेता को बता दी।

बेटी के टिकट और बीजेपी में जाने की अफवाहों पर दिया करारा जवाब

इस पूरे विवाद के बीच रुचि वीरा ने अपनी बेटी के टिकट की मांग और पार्टी बदलने की अफवाहों पर भी खुलकर बात की। उन्होंने साफ कहा कि उन्होंने मुरादाबाद से अपनी बेटी के लिए कोई टिकट नहीं मांगा है। उन्होंने सिर्फ पार्टी के सामने यह इच्छा जताई है कि बिजनौर जिले की जो भी विधानसभा सीट सपा के लिए सबसे कमजोर हो, वहां से उनकी बेटी को चुनाव लड़ने का मौका दे दिया जाए। इसके साथ ही सपा सांसदों के टूटने और उनके बीजेपी में जाने की खबरों को उन्होंने पूरी तरह झूठा और बकवास बताया। रुचि वीरा ने गर्व से कहा कि उनके परिवार के पिछले 100 सालों के इतिहास में भी कोई कभी बीजेपी में नहीं गया है और एक वफादार नेता के तौर पर अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष को हर बात से अवगत कराना उनका फर्ज था, जो उन्होंने बखूबी निभाया। रुचि वीरा ने अंत में कहा कि हमें आपस में नहीं बल्कि बीजेपी से लड़ना है।

बड़ी खबरें

View All

मुरादाबाद

उत्तर प्रदेश

ट्रेंडिंग