मुरादाबाद

मुरादाबाद में बेटे के लिए तेंदुए से भिड़ गई मां, मौत के मुंह से खींच लाई अपना लाल, ऐसे बचाई 3 वर्षीय बेटे जान

Moradabad News: यूपी के मुरादाबाद में एक मां ने अद्भुत बहादुरी दिखाते हुए तेंदुए से भिड़कर अपने तीन साल के बेटे को मौत के जबड़ों से बचा लिया। गन्ने से हमला कर मां ने तेंदुए को भगाया।

3 min read
मुरादाबाद में बेटे के लिए तेंदुए से भिड़ गई मां..

Mother fights leopard saves son Moradabad: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जनपद के ठाकुरद्वारा कोतवाली क्षेत्र में सोमवार रात एक ऐसी घटना सामने आई, जिसने हर किसी को स्तब्ध कर दिया। यहां एक मां ने अपनी जान की परवाह किए बिना खूंखार तेंदुए से भिड़कर अपने तीन वर्षीय बेटे को उसके जबड़ों से छुड़ा लिया।

गांव तरफ दलपत में हुई इस घटना में मां पिंकी ने अद्भुत साहस का परिचय दिया। जिस तेंदुए को देखकर बड़े-बड़े लोग डर जाते हैं, उसी के सामने यह मां दीवार बनकर खड़ी हो गई और अपने बच्चे को मौत के मुंह से वापस खींच लाई।

ये भी पढ़ें

मुरादाबाद बहन हत्याकांड: जेल की पहली रात बेचैन रहा हार्दिक, न खाना खाया न किसी से की बात, कोने में चुपचाप बैठा रहा

घर के बाहर खेलते मासूम पर तेंदुए का अचानक हमला

घटना सोमवार रात करीब आठ बजे की बताई जा रही है। गांव तरफ दलपत निवासी रवि कुमार का घर जंगल और गन्ने के खेतों के बिल्कुल पास स्थित है। उनका तीन वर्षीय बेटा मोक्ष कुमार उर्फ टीटू अपनी मां पिंकी और बड़े भाई के साथ घर के बाहर खेल रहा था। अंधेरा होने की वजह से किसी को अंदाजा नहीं था कि पास के गन्ने के खेत में एक तेंदुआ घात लगाकर बैठा हुआ है। जैसे ही बच्चा थोड़ा आगे बढ़ा, तेंदुए ने अचानक छलांग लगाई और उसकी गर्दन को अपने मजबूत जबड़ों में दबोच लिया।

बच्चे की चीख सुनकर मां ने दिखाई अद्भुत हिम्मत

तेंदुआ बच्चे को पकड़कर गन्ने के खेतों की ओर घसीटते हुए ले जाने लगा। बच्चे की चीख सुनकर मां पिंकी बदहवास होकर बाहर दौड़ीं। सामने का दृश्य देखकर किसी का भी दिल दहल जाता, लेकिन उस वक्त मां की ममता डर पर भारी पड़ गई। पास में पड़े गन्नों के ढेर में से उन्होंने एक मोटा गन्ना उठाया और बिना एक पल गंवाए तेंदुए पर हमला बोल दिया। उन्होंने तेंदुए के सिर और शरीर पर लगातार कई वार किए।

मां के जवाबी हमले से सकपका गया तेंदुआ

अचानक हुए इस हमले से तेंदुआ घबरा गया। उसे शायद उम्मीद नहीं थी कि कोई इंसान इस तरह उससे भिड़ जाएगा। पिंकी लगातार तेंदुए पर वार करती रहीं और शोर मचाती रहीं। आखिरकार तेंदुआ बच्चे को वहीं छोड़कर जंगल की ओर भाग गया। इस तरह मां ने अपने बच्चे को मौत के जबड़ों से वापस छीन लिया।

गंभीर घायल मासूम को दिल्ली किया गया रेफर

हालांकि तेंदुए के हमले में बच्चा बुरी तरह घायल हो गया। तेंदुए ने बच्चे का आधा कान चबा लिया और उसके सिर व गले पर गहरे जख्म हो गए। शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर मौके पर पहुंच गए। तुरंत बच्चे को उत्तराखंड के काशीपुर स्थित सहोता अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत गंभीर बताते हुए न्यूरो और प्लास्टिक सर्जरी की जरूरत बताई। इसके बाद बच्चे को देर रात दिल्ली के हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया गया।

वन विभाग के खिलाफ ग्रामीणों में भारी आक्रोश

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग के दरोगा पीयूष जोशी अपनी टीम के साथ गांव पहुंचे और मौके की जांच की। इसी दौरान पुलिस टीम भी वहां पहुंच गई। ग्रामीणों ने वन विभाग के खिलाफ नाराजगी जताते हुए नारेबाजी की। ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में लंबे समय से तेंदुए की मौजूदगी की शिकायत की जा रही थी, लेकिन विभाग ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

जंगल में मिले तेंदुए के पंजों के निशान

वन विभाग और पुलिस ने रात में ही जंगल और आसपास के खेतों में कॉम्बिंग अभियान चलाया, लेकिन तेंदुआ हाथ नहीं आया। ग्रामीणों के अनुसार टॉर्च की रोशनी में खेतों और जंगल में तेंदुए के पंजों के निशान भी दिखाई दिए। अधिकारियों ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है, जबकि गांव वालों ने इलाके में तेंदुए को पकड़ने के लिए जल्द से जल्द पिंजरा लगाने की मांग की है। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है और लोग शाम होते ही अपने घरों में रहने को मजबूर हैं।

Also Read
View All

अगली खबर