Samajwadi Party leader on Vande Mataram: समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेता का कहना है कि वंदे मातरम मुसलमान नहीं पढ़ सकता है। हमारे बच्चे खामोश रहेंगे।
Samajwadi Party leader on Vande Mataram: 'वंदे मातरम' को लेकर केंद्र सरकार की नई गाइडलाइंस पर समाजवादी पार्टी (SP) के नेता ST हसन ने तीखी प्रतिक्रिया दी। हसन ने कहा, '' वंदे मातरम मुसलमान नहीं पढ़ सकता है, हमारे बच्चे खामोश रहेंगे।''
मुरादाबाद में सपा नेता एसटी हसन ने कहा, '' हमारा देश गंगा-जमुनी तहजीब का देश है। प्यार-मोहब्बत का देश है। अनेकता में एकता का देश है। हमारे देश में विभिन्न धर्मों के लोग साथ रहते हैं। वंदे मातरम गीत को लेकर आपत्ति इस बात की है कि इसमें जमीन की पूजा की जाती है, जबकि इस्लाम अल्लाह के सिवाय किसी की इबादत की इजाजत नहीं देता। सुप्रीम कोर्ट का स्पष्ट आदेश है कि किसी को भी जबरन कुछ पढ़वाया या करवाया नहीं जा सकता।''
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए हसन ने कहा, '' आज भी कई जगहों पर मुसलमानों को जबरन पीटकर ‘जय श्री राम’ बुलवाया जाता है, तो केस दर्ज हो जाता है। फिर ऐसी हरकतें क्यों की जा रही हैं, जिनसे देश के सौहार्द पर असर पड़े और देश कमजोर हो। हमें तो देश को और मजबूत करना है। हमें अपने प्यार और मोहब्बत को मजबूत करना है, ना कि विघटनकारी शक्तियों के दबाव में आकर वोट की राजनीति करें और समाज को ध्रुवीकृत करें।
बता दें कि 'वंदे मातरम' को लेकर केंद्र सरकार की नई गाइडलाइंस के मुताबिक, वंदे मातरम गीत का गायन 3 मिनट 10 सेकंड तक होगा। जब इस पर सपा नेता एसटी हसन से जवाब मांगा गया तो उन्होंने कहा कि हम नहीं पढ़ सकते, मुसलमान नहीं पढ़ सकता। हमारे बच्चे खामोश रहेंगे। यह भी तो एक तरह की बेइज्जती है। राष्ट्रगान की बात हो तो हम खड़े होकर गाते हैं। लेकिन अब ‘वंदे मातरम’ को लेकर जबरदस्ती की जा रही है। कल को किसी और मुद्दे पर भी जबरदस्ती की जाएगी।
उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान किसी की जागीर नहीं है। यह सबका है। हम हर उस चीज का विरोध करेंगे, जिसकी इजाजत इस्लाम में नहीं है। सरकारी स्कूलों में भी 'वंदे मातरम' नहीं पढ़वाया जा सकता और मदरसों में भी नहीं।''