युवक से हुआ था विवाद, पुलिसकर्मियोें ने कर दी पिटाई
अमरोहा. बीजेपी नेता के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि थाने में उनके साथ में दरोगा समेत 2 पुलिसकर्मियों ने मारपीट की। बाद में उन्हें धमकाकर थाना से बाहर कर दिया। पीड़ित का आरोप है कि मामले की तहरीर पुलिस को दी जा चुकी है। उसके बाद भी आरोपी दरोगा व मुंशी के खिलाफ मामले की एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। उधर मारपीट की घटना के बाद से बीजेपी के कार्यकर्ताओं में रोष व्याप्त है। घटना में कार्रवाई की मांग को लेकर बीजेपी कार्यकर्ता केबिनेट मंत्री से मिले और जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग की।
बीजेपी नेता आफताब आडवाणी के साथ मेंं थाना नौगावां सादात में तैनात दरोगा और मुंशी ने मारपीट कर दी थी। ये बीजेपी के पूर्व नगराध्यक्ष रह चुके है। आफताब की माने तो उन्होंने मारपीट का आरोप लगाते हुए थाने में तैनात दरोगा, मुंशी और एक अन्य के खिलाफ सीओ सिटी को शिकायत दीथी। आरोप है कि 2 दिन बीत जाने के बाद भी मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई। उधर मारपीट की घटना के बाद मेंं पुलिस के खिलाफ बीजेपी के कार्यकर्ताओं में आक्रोश फैल गया है। आफताब की माने तो पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की जा रही है। पुलिस के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर बीजेपी नेता प्रदीप चौधरी के नेतृत्व में केबिनेट मंत्री चेतन चौहान से मिले। केबिनेट मंत्री ने दरोगा, मुंशी समेत तीनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर संस्पेड कराने का आश्वासन दिया है।
यह थी घटना
बीजेपी के पूर्व नगराध्यक्ष आफताब आडवाणी 27 जून को नौगावां सादात थाना गए थे। उस सयम थाने में राजू उर्फ असगर बैठा हुआ था। किसी बात को लेकर दोनों के बीच में कहासुनी हो गई। आरोप है कि मौके पर मौजूद दरोेगा और मुंशी ने उनके साथ मेें मारपीट कर दी। आरोप है कि बदसलूकी कर उन्हें थाना से बाहर कर दिया।
एसपी अमरोहा सुधीर कुमार का कहना है कि आफताब आडवाणी की तरफ से कोई तहरीर नहीं दी गई है। पुलिस पर आरोप लगाकर प्रार्थना पत्र दिया गया था। मामले में कार्रवाई की जा रही है।