विरोधी दलों ने भाजपा पर दबाब बनाना शुरू कर दिया है कि वो अपने राज्यों की सरकारों से इसे तुंरत लागू करने को कहे।
मुरादाबाद: सुप्रीम कोर्ट ने आज प्रमोशन में रिजेर्वेशन मामले में फैसला सुनाते हुए राज्यों को ये अधिकार दिया है कि वे इसे बहाल कर सकती हैं। जिसके बाद अब एक बार इस पर सियासत शुरू हो सकती है। विरोधी दलों ने भाजपा पर दबाब बनाना शुरू कर दिया है कि वो अपने राज्यों की सरकारों से इसे तुंरत लागू करने को कहे।
बसपा ने किया स्वागत
बसपा के मंडल कोऑर्डिनेटर रणविजय सिंह ने कहा कि हमारी पार्टी सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करती है। अब भाजपा की ये जिम्मेदारी बनती है कि वो राज्य में इस व्यवस्था को लागू करवाए। चूंकि केंद्र व् कई राज्यों में भाजपा की सरकार की है इसलिए वो सभी राज्यों को जल्दी से जल्दी ये फैसला लागू करने के निर्देश दे। ताकि अनुसूचित जाति-जनजाति के कर्मचारियों का भला हो सके।
कांग्रेस नेता बोले पार्टी तय करेगी
उधर इस मामले में कांग्रेस जिला अध्यक्ष डॉ ए पी सिंह ने कहा कि अभी सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर कोई टिप्पणी नहीं करनी। जो भी निर्णय पार्टी का होगा इस फैसले को लेकर उससे अवगत कराया जाएगा।
भाजपाइयों ने साधी चुप्पी
इसके साथ ही आज शहर में भाजपा की 6 लोक सभाओं की संचालन समिति की बैठक चल रही है। जिसमें राष्ट्रिय महासचिव भूपेन्द्र यादव पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को जीत का मन्त्र दे रहे हैं। लेकिन उन्होंने मीडिया से भी कोई बात नहीं की। जबकि पार्टी प्रवक्ता और पश्चिमी यूपी प्रभारी बृज बहादुर पाठक को भेज दिया। जिन्होंने सिर्फ आज की बैठक के सम्बन्ध में दो टूक बात की और फिर नदारद हो गए। इस मुद्दे पर हाई कमान के निर्णय के बाद ही बात करने को कहा।
राजभर ने ये कहा
इससे पहले महानगर पहुंचे कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने भी इस फैसले पर कहा कि जिसकी लाठी उसकी भैंस होगी,उन्होंने हालिया एससी-एसटी एक्ट के अध्यादेश का हवाला दिया। साथ ही कहा कि पिछड़ी जातियों को अभी और आगे आने की जरुरत है।