मुरादाबाद

Hijab Controversy: पहनावे पर रजा मुराद का बेबाक बयान, अश्लीलता से दूर रहें, पर दूसरों के लिबास पर निशाना न साधें

Raza Murad on Hijab Controversy: अभिनेता रजा मुराद ने हिजाब, पहनावे और खान-पान को लेकर चल रही बहस पर कहा कि लोगों की निजी पसंद को निशाना नहीं बनाना चाहिए। उन्होंने अभिव्यक्ति की आजादी के साथ आत्म-संयम की जरूरत भी बताई।
3 min read
raza murad hijab controversy dress food personal choice

Raza Murad On Dress And Food: आउटफिट, हिजाब और निजी पसंद को लेकर देश में एक बार फिर बहस तेज है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक आदेश के बाद यह मुद्दा कानूनी दायरे से निकलकर राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का विषय बन गया है। वहीं, बॉलीवुड में भी समय-समय पर पहनावे को लेकर विवाद सामने आते रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और संस्थागत अनुशासन के बीच संतुलन कैसे कायम हो तथा क्या किसी व्यक्ति के पहनावे और खान-पान को सार्वजनिक बहस का विषय बनाया जाना चाहिए? इन्हीं मुद्दों पर बॉलीवुड के वरिष्ठ अभिनेता रजा मुराद ने बेबाक राय रखी।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन इसके साथ आत्म-संयम भी जरूरी है। उनका कहना है कि विवाद पैदा कर चर्चा में रहने के बजाय लोगों को अपने काम, प्रदर्शन और समाजसेवा के जरिए पहचान बनानी चाहिए। आईएएनएस की रजा मुराद से हुई बातचीत के प्रमुख अंश...

सवाल: ड्रेस को लेकर एक अलग तरह की बहस चल रही है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक आदेश के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक और सामाजिक चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। आप इस पूरे मामले को किस नजरिए से देखते हैं?

जवाब : देखिए, इलाहाबाद हाईकोर्ट का एक ऑर्डर आया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि यूनिफॉर्म में हिजाब नहीं पहनना चाहिए। अब देखिए, ये प्रजातंत्र है। जिस बच्ची ने पिटीशन दायर की थी, वह चाहे तो सुप्रीम कोर्ट जा सकती है। कई बार हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने रद्द किया है। अगर उसे लगता है कि उसके साथ इंसाफ नहीं हुआ है, तो सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे उसके लिए खुले हैं और सुप्रीम कोर्ट का जो भी निष्पक्ष फैसला होगा, उसे हमें मानना चाहिए। आपको अपनी बात कहने और जायज बात को मनवाने का हक है।

सवाल: क्या आपको लगता है कि हम लोगों के पहनावे को जरूरत से ज्यादा सार्वजनिक बहस का विषय बना रहे हैं?

जवाब : विवादित बात करेंगे तो विवाद फैलता जाएगा। विवाद को फैलाना आजकल एक रिवाज बन गया है। ऐसी विवादित बात करो जिससे आप चर्चा में रहो। मैं ऐसी बातों में विश्वास नहीं रखता। अगर चर्चा में रहना है तो काम, परफॉर्मेंस और समाजसेवा के जरिए चर्चा में रहें, बजाय इसके कि किसी की बुराई करके या किसी के लिबास पर बात करके करके चर्चा में आया जाए। यह निजी मामला है कि कौन क्या पहने।

सवाल: आपने निजी पसंद की बात कही। क्या पहनावा और खान-पान किसी व्यक्ति के निजी जीवन का हिस्सा होना चाहिए?

जवाब : मैं क्या पहनता हूं, मैं क्या खाता हूं, ये मेरा निजी ख्याल है, मेरी निजी जिंदगी है और इसे जीने का मुझे पूरा हक है। मेरे घर में क्या पक रहा है, ये मेरी चारदीवारी का मामला है। मैं क्या पहन रहा हूं, ये मेरा निजी मामला है। आपको जो पहनना है, पहनिए, लेकिन उसमें अश्लीलता नहीं होनी चाहिए। अब किसी को लिबास में अश्लीलता दिखाई देती है, किसी को फैशन दिखाई देता है। इन बातों से जितना दूर रहें, उतना बेहतर है।

सवाल: बीते दिनों बॉलीवुड में भी ड्रेस को लेकर कई विवाद सामने आए। कृति सेनन और कंगना रनौत से जुड़ा विवाद भी चर्चा में रहा। आप इनको किस नजरिए से देखते हैं?

जवाब : कुछ विवाद पैदा हो जाते हैं, कुछ विवादों को पैदा किया जाता है। कुछ लोगों को मालूम होता है कि हम यह बात करेंगे तो इस पर विवाद होगा और विवाद होगा तो उनकी चर्चा होगी। हर इंसान को अपनी बात कहने का हक है। हमारे मुल्क में प्रजातंत्र है, फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन है, लेकिन खुद अपनी एक हद और सेल्फ-सेंसरशिप होनी चाहिए कि हमें कहां तक कहना है। कोई ऐसी बात नहीं होनी चाहिए जिससे सुनने वाला या जिसके बारे में कहा जा रहा है, वह आहत महसूस करे। हर एक्शन का रिएक्शन होता है।

सवाल: तो क्या आपको लगता है कि आज विवाद में बने रहना, काम के जरिए चर्चा में रहने से आसान रास्ता बन गया है?

जवाब : अपना काम कीजिए देश के प्रति, देशवासियों के प्रति। अपना कर्तव्य निभाइए और चर्चा में रहिए। इन बातों का कोई मतलब नहीं है कि किसने क्या पहना है और कौन क्या खा रहा है। इस पर निशाना नहीं साधना चाहिए।

Updated on:
30 Aug 2026 01:36 pm
Published on:
30 Aug 2026 01:15 pm