Moradabad News: मुरादाबाद एमपी-एमएलए कोर्ट ने 2018 के रेल रोको आंदोलन मामले में सपा विधायक पंकज मलिक समेत सभी आरोपियों को बरी कर दिया। कांग्रेस द्वारा आयोजित इस आंदोलन में कई नेताओं और कार्यकर्ताओं पर मुकदमे दर्ज हुए थे, लेकिन कोर्ट में आरोप साबित नहीं हो सके। फैसले के बाद समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई, वहीं पंकज मलिक ने इसे सत्य की जीत बताया।
Rail Roko Andolan Moradabad: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में 2018 में कांग्रेस द्वारा आयोजित रेल रोको आंदोलन के दौरान दर्ज किए गए मुकदमे में बुधवार को एमपी-एमएलए कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया। कोर्ट ने मुजफ्फरनगर से सपा विधायक पंकज मलिक समेत सभी आरोपियों को बरी कर दिया।
वरिष्ठ अधिवक्ता आनंद मोहन गुप्ता ने बताया कि यह आंदोलन कांग्रेस द्वारा आयोजित किया गया था, जिसमें कई नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामले दर्ज हुए थे। पंकज मलिक पर लोगों को भड़काने और चक्का जाम करने का आरोप था, लेकिन सुनवाई के दौरान ये आरोप सही साबित नहीं हुए, जिसके चलते कोर्ट ने सभी को बाइज्जत बरी कर दिया।
कोर्ट के फैसले के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों में जबरदस्त उत्साह देखा गया। सपा विधायक पंकज मलिक ने इस फैसले को सत्य की जीत बताया। उन्होंने कहा, "यह आंदोलन जनहित में किया गया था, लेकिन राजनीतिक कारणों से हम पर झूठे मुकदमे दर्ज किए गए। आज न्यायपालिका ने सत्य की जीत को साबित कर दिया।"
गौरतलब है कि 2018 में कांग्रेस ने रेलवे से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर रेल रोको आंदोलन किया था, जिससे कई जिलों में रेल यातायात प्रभावित हुआ था। इस मामले में मुजफ्फरनगर समेत कई स्थानों पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए थे। हालांकि, अब कोर्ट के फैसले से सभी आरोपियों को राहत मिली है और इस मामले का न्यायिक अंत हो गया है।