उन्होंने परिवार में किसी भी मतभेद से इनकार किया है।शिवपाल सिंह ने अब महागठबंधन में शामिल होने के संकेत दिए हैं।
सम्भल: जैसे-जैसे लोकसभा चुनाव नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे सियासी दलों और उनके नेताओं की गतिविधि भी बढ़ गयी है। लेकिन इसमें सबकी नजर इस बार उत्तर प्रदेश है। इसलिए यहां सीटों के लिए हर कोई बेचैन है। खासकर विपक्षी पार्टियां। वहीँ सपा से बगावत कर चुके शिवपाल सिंह ने अब महागठबंधन में शामिल होने के संकेत दिए हैं। लेकिन उन्होंने अखिलेश यादव के आगे शर्त रखी है कि उन्हें पचास फीसदी सीटें दी जायें। ये बात उन्होंने जनपद में चल रहे कल्कि महोत्सव में पत्रकारों से बातचीत में कही। यही नहीं उन्होंने परिवार में किसी भी मतभेद से इनकार किया है।
ऐसा हो गठबंधन
गठबंधन के सवाल पर शिवपाल यादव ने कहा कि गठबंधन को लेकर हम आगे नहीं आ रहे हैं जिसे गठबंधन करना है, वह हमसे बात करे। हमें प्रदेश की कुल सीटों का 50 फीसद चाहिए तभी हम गठबंधन का हिस्सा बनेंगे, नहीं तो पार्टी अकेले दम पर चुनाव लडे़गी और प्रदेश की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरेगी।
सबको दिया एक मंच
यही नहीं उन्होंने दावा किया कि असंतुष्ट समाजवादियों को हमने एक मंच दिया है। और इस बार हम प्रदेश की सभी लोकसभा सीटों पर चुनाव लडे़ंगे। सिर्फ एक सीट छोड़ेंगे जो नेताजी की होगी। नेताजी की सहमति के बाद ही हमने प्रगतिशील समाजवादी पार्टी का गठन किया। उनका आशीर्वाद हमारे साथ है। हम जानते हैं कि हमारे बिना किसी की सरकार नहीं बनने वाली है। चुनाव बाद यह तस्वीर भी साफ हो जाएगी।