सपा अध्‍यक्ष अखिलेश यादव कन्‍नौज और मुलायम सिंह यादव मैनपुरी से मैदान में उतरने का ऐलान कर चुके हैं
संभल। सभी दलों ने अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है। इसके तहत कुछ दिग्गजों ने तो अपनी सीटें भी फाइनल कर दी हैं जबकि कुछ की सीटों को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं। जैसे सपा अध्यक्ष खिलेश यादव यूपी के कन्नौज और सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव मैनपुरी से मैदान में उतरने का ऐलान कर चुके हैं। इनके अलावा बसपा सुप्रीमो मायावती के बुलंदशहर या गौतमबुद्ध नगर और रालोद अध्यक्ष अजित सिंह के मुजफ्फरनगर से चुनाव लड़ने के कयास लगाए जा रहे हैं। इनके बाद में अब सपा के राष्ट्रीय महासचिव को लेकर भी लोकसभा सीट फाइनल कर दी गई है।
जन्म दिवस में दिखाई ताकत
कुछ दिन पहले सपा के राष्ट्रीय महासचिव प्रोफेसर रामगोपाल यादव का जन्म दिवस मनाया गया था। इस अवसर पर काफी बड़ी पार्टी का आयोजन किया गया था। इसमें मुलायम सिंह यादव और शिवपाल यादव ने भी शिरकत की थी। इस दौरान रामगोपाल यादव ने केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला था। इसके साथ ही रामगोपाल यादव के वेस्ट यूपी की एक सीट से चुनाव लड़ने का दावा किया गया है।
संभल से लड़ेंगे रामगोपाल
सपा के प्रदेश प्रवक्ता राजकुमार भाटी का कहना है कि रामगोपाल यादव संभल से चुनाव लड़ेंगे। पार्टी की तरफ से इसके आदेश मिल गए हैं। इसकी तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं। आपको बता दें कि रामगोपाल यादव 2004 में संभल से सांसद रह चुके हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में यहां से भाजपा के सत्यपाल सिंह सैनी जीते थे। उन्होंने यहां से सपा के सफीकुर्रहमान वर्क को शिकस्त दी थी। हालांकि, मोदी लहर के बावजूद भाजपा की जीत का मार्जिन करीब 5 हजार वोटों का ही रहा था।
मुलायम सिंह भी लड़ चुके हैं यहां से चुनाव
संभल लोकसभा सीट में कुंदरकी, बिलारी, चंदौसी, असमौली और संभल विधानसभा क्षेत्र आते हैं। पिछले विधानसभा चुनाव पर नजर डाले तो चंदौसी को छोड़कर बाकी सभी सीटों पर सपा का कब्जा हुआ था। आपको बता दें कि पूर्व बाहुबली सांसद व नोएडा के सर्फाबाद निवासी डीपी यादव का भी यहां से मैदान में उतर चुके हैं। वह यहां से सांसद बने थे। सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने भी 1998 व 1999 में यह सीट जीती थी। 2009 में सफीकुर्रहमान वर्क यहां से सांसद बने थे। तब वह बसपा के टिकट पर चुनाव लड़े थे। 2014 में उन्होंने सपा का दामन थाम लिया था मगर भाजपा के सत्यपाल सिंह सैनी से चुनाव हार गए थे।