अटल बिहारी वायपेयी के निधन पर सपा के इस दिग्गज नेता ने उठाया गुजरात और कश्मीर का मुद्दा
रामपुर. भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन से सियासी गलियारों में शोक की लहर है तो वहीं देश में मातम का माहौल है। अटल जी के निधन पर सपा के पूर्व मंत्री आजम खां ने कहा है कि वे सभी के चहेते थे और भारत की जनता उनसे और उनकी कविताओं से बहुत प्यार करती थी। आज उनके निधन से देश ने एक सच्चा और ईमानदार व्यक्ति खोया है, जिस की भरपाई होना नामुमकिन है। अटल जी ने प्रधामनंत्री रहते हुए देश का काफी मनोबल बढ़ाया था और देश हित मे काफी अच्छे काम किए थे। आजम खान ने अटल जी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि एक ऐसे राजनेता का दुनिया से रुखसत हो गया है, जिसे भारतीय इतिहास में याद रखा जाएगा। भारतीय इतिहास उनको एक अच्छे राजनेता के रूप में जानेगा। उनकी छवि वह नहीं थी जो आज भारतीय जनता पार्टी या आरएसएस ने अपनी बना ली है।
आजम खान ने कहा कि उनकी दो बातें देश जरूर याद रखेगा। एक तब जब गुजरात खून में नहाया था और इंसानी कत्लेआम हुआ था। उस वक्त उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी से कहा था कि राजा को राज धर्म अपनाना चाहिए और उसे मानना चाहिए। वहीं दूसरी बात कश्मीर को लेकर थी। उन्होंने कहा था कि कश्मीर की समस्या देशवासियों के लिए कोढ़ बन गई है। उन्होंने कहा था कि इंसानियत, जम्हूरियत और कश्मीरियत को हमे हमेशा याद रखना चाहिए।
आजम खां ने कहा कि अभी 15 अगस्त के मौके पर देश के प्रधानमंत्री जब भाषण दे रहे थे। उन्होंने इन तीनों शब्दों इंसानियत, जम्हूरियत और कश्मीरियत का प्रयोग किया और ये भी कहा हम अटल जी के मिशन और और उनका जो फार्मूला था उस पर अमल करने की कोशिश करेंगे। इसलिए आज के प्रधानमंत्री उनके जीवन को याद करें और उन शब्दों को याद कर उस पर अमल हो करें तो ये अटल जी को बहुत बड़ी श्रद्धांजलि होगी।