नई दिल्ली। भाजपा का उदारवादी चेहरा माने जाने वाले और कई सियासी दलों के सहयोग से 90 के दशक में केंद्र में पहली बार भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनाने वाले भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का गुरुवार को निधन हो गया। वाजपेयी लंबे समय से बीमार थे, जिसके चलते उनको दिल्ली स्थित एम्स में भर्ती कराया गया था। वाजपेयी के निधन से पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है। उत्तर प्रदेश के लखनऊ से पांच बार सांसद रहे अटल हर दिल अजीज थे। उनका मधुर और मिलनसार स्वभाव ही उनको अन्य नेताओं से अलग करता था। आज जब वो नहीं रहे तो उनके कुछ दिलचस्प किस्से अनायास ही लोगों की जुबान पर आने लगे। ऐसे ही एक किस्से का राज करीब तीन दशकों तक उनके ड्राइवर रहे प्रदीप भार्गव ने खोला।