बच्चे का पैर तार पर आ गया और करंट ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। जिससे झुलसकर उसकी मौत हो गई।
मुरादाबाद: जनपद में विधुत विभाग की बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। जिसकी कीमत एक मासूम ने जान देकर चुकाई है। मासूम की मौत के बाद परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। मामला शहर के मझोला थाना क्षेत्र के लोदीपुर गांव का है। यहां कक्षा पांच में पढने वाला छात्र अपने माता पिता के लिए खेत पर खाना लेकर जा रहा था कि रास्ते में ग्यारह हजार की लाइन टूटी हुई पड़ी थी। जिसमें करंट आ रहा था। बच्चे का पैर तार पर आ गया और करंट ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। जिससे झुलसकर उसकी मौत हो गई। घटना से ग्रामीणों में आक्रोश है। परिजनों ने विधुत अधिकारीयों के खिलाफ कार्यवाही को थाने में तहरीर दी है।
गांव निवासी नेत्रपाल के तीन बेटे हैं। आज सुबह बीच वाला बेटा आकाश उम्र करीब ग्यारह वर्ष खेत पर मां के लिए खाना लेकर जा रहा था। जहां रास्ते में पहले से ही हाई वोल्टेज लाइन टूटी पड़ी हुई थी। उसने ध्यान नहीं दिया। जिसकी चपेट में वो आ गया और झुलसने से उसकी मौत हो गयी। जैसे ही ये सूचना ग्रामीणों और परिजनों को चली तो सब जगह कोहराम मच गया। फौरन ही विधुत विभाग को सूचना दी गयी लेकिन काफी देर तक शट डाउन नहीं किया गया। जब परिजनों ने हंगामा शुरू किया तो विभाग द्वारा उधर की लाइन का शट डाउन किया गया। परिजनों ने इस लापरवाही मानते हुए विधुत अधिकारीयों के खिलाफ तहरीर दी है।
उधर गांव में मां और अन्य परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। सीओ सिविल लाइन अपर्णा गुप्ता ने बताया कि बच्चे की लापरवाही से मौत पर परिजनों ने तहरीर दी है। जांच कर कार्यवाही की जा रही है। फ़िलहाल बच्चे के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।
यहां बता दें कि इससे पहले भी विधुत विभाग की लापरवाही से कई लोगों की अलग अलग जगहों पर जान जा चुकी है। जबकि अब तो लाइन टूटने पर ऑटोमैटिक सिस्टम से करंट बंद हो जाना चाहिए था। जोकि नहीं हुआ। इससे ये माना जा रहा है कि इसमें निश्चित रूप से विधुत विभाग की लापरवाही है।