दरोगा और सिपाही को किसान से दस हजार की रिश्वत लेने पर एसएसपी जे रविन्द्र गौड ने निलंबित कर दिया है
मुरादाबाद:यूपी पुलिस भले ही अपनी छवि सुधारने के लाख जतन कर ले,लेकिन आये दिन खाखी की करतूत उसे खुद ही शर्मसार कर देती है। कुछ ऐसा ही मामला जनपद के कांठ थाना क्षेत्र में सामने आया है। जहां दरोगा और सिपाही को किसान से दस हजार की रिश्वत लेने पर एसएसपी जे रविन्द्र गौड ने निलंबित कर दिया है। जिससे पूरे महकमे में हडकंप मच गया है। दरोगा और सिपाही ने किसान का ट्रैक्टर चेकिंग के दौरान पकड़ लिया था। जिसे छोड़ने की एवज में रिश्वत मांग रहे थे। किसान ने किसी तरह दस हजार रूपये तो दे दिए लेकिन दरोगा और रूपये मांग रहा था। जिस पर पीड़ित किसान ने एसएसपी से लिखित शिकायत कर दी। जिसमें जांच में मामला सही पाया गया।
इस काम के मांगे थे दस हजार
दरअसल कांठ थाना क्षेत्र के रहने वाले किसान नाजिम ने रहर चौकी प्रभारी राजेश कुमार कम्बोज और सिपाही आदेश कुमार पर आरोप लगाया कि इन लोगों ने चेकिंग के दौरान उसका ट्रैक्टर पकड़ लिया। कागजातों में खामियां निकालते हुए सीज करने की धमकी दी। जबकि छोड़ने के एवज में रिश्वत मांगी। शिकायत कर्ता नाजिम ने किसी तरह दस हजार रुपये सिपाही आदेश कुमार के जरिये दरोगा राजेश कुमार कम्बोज को दिए। लेकिन वो और रुपये मांग रहा था। यही नहीं ट्रैक्टर भी नहीं छोड़ा। नाजिम ने इसकी शिकायत एसएसपी से की। जब दरोगा को पता चला तो उसने रूपए वापस कर दिए।
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जांच में आरोप मिले सही
एसएसपी ने जांच कराई तो उसमें रुपये लेने की बात सही साबित हुई। जिसे गंभीर मानते हुए एसएसपी जे रविन्द्र गौड ने आरोपी चौकी इंचार्ज राजेश कुमार कम्बोज और सिपाही आदेश कुमार को निलंबित कर दिया। साथ ही भविष्य में ऐसा न करने की चेतवानी दी।
पहले भी लगे हैं दाग
यहां बता दें कि इससे पहले भी जनपद में पुलिस कर्मियों द्वारा रिश्वत के कई मामले सामने आ चुके हैं। पिछले वर्ष काशीपुर तिराहा चौकी में एक दरोगा को एंटी करप्शन ब्यूरो ने रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा थाव् जबकि मझोला थाना प्रभारी का रिश्वत का ऑडियो वायरल हुआ था जिसमें उन्हें लाइन हाजिर किया गया था। बावजूद उसके खाखी सुधरने का नाम नहीं ले रही। जिस कारण आये दिन उसकी साख पर बट्टा लग रहा है।