जब बेटी के हाथ पीले करने की चिंता में डूबे जा रहे गरीब के घर दो वर्दीधारी रहनुमा बनकर पहुंच गए। 23 हजार का शादी का सामान दिया।
मुरादाबाद: अक्सर हम खाखी वर्दी की हनक और ऐसी तस्वीरें देखते हैं,जिसमें उसका रौद्र रूप ही दिखता है। इसको लेकर खुद खाखी महकमा भी चिंतित और इसे बदलने के लिए भरसक कोशिश भी करता है। लेकिन अभी बहुत ज्यादा हालात नहीं बदले। लेकिन कुछ तस्वीरें ऐसी हैं जो न सिर्फ खाखी का मां ही बढाती हैं बल्कि इंसानियत और पुलिस के लिए नयी इबारत भी गढ़ती हैं। कुछ ऐसी ही तस्वीर जनपद के कुन्दरकी थाना क्षेत्र के एक गांव में देखने को मिली। जब बेटी के हाथ पीले करने की चिंता में डूबे जा रहे गरीब के घर दो वर्दीधारी रहनुमा बनकर पहुंच गए। न सिर्फ मदद का भरोसा दिया बल्कि करीब 23 हजार का शादी का सामान भी दिया। साथ ही आगे मदद करने की भी बात कही। पुलिस के इस कदम से न सिर्फ किसान बल्कि इलाके के लोग भी तारीफ़ कर रहे हैं।
बेहद गरीब है बेटी का पिता
यूपी पुलिस के दो सब इंस्पेक्टर उमेश कुमार और नरेश कुमार इन दिनों कुन्दरकी थाने में तैनात हैं।इनके क्षेत्र में गांव सराय पंजू पड़ता है। यहां के रहने वाले किसान जसवंत के पांच बच्चे हैं। एक बेटा और बेटी की वे शादी कर चुके थे। लेकिन अब छोटी बेटी रेखा की शादी करने के लिए जसवंत और उनका परिवार बेहद चिंता में डूबा जा रहा था। क्यूंकि पिछले दस साल से बीमारियों से घिरे जसवंत की आर्थिक हालत ऐसी नहीं बची थी कि वो बेटी रेखा को डोली में बैठा सके।
ऐसे की मदद
इसी दौरान हल्का में तैनात सब इंस्पेक्टर उमेश कुमार को जसवंत के बारे में पता चला तो उन्होंने उसकी मदद करने की ठानी। उन्होंने जसवंत से कहा कि वे बेटी की शादी की तैयारी करें। उमेश ने अपने साथी नरेश के साथ ही अपने बैच के अन्य साथियों से संपर्क साधा और करीब 23 हजार रूपए का शादी का सामान लेकर जसवंत के घर पहुंच गए। अचानक अपने घर पुलिस देखकर जसवंत भी हैरान रह गया। लेकिन जब उसने पुलिस की नेकी देखी तो उसकी आंखे भर आयीं। यही नहीं उमेश कुमार ने आगे भी जरूरत पड़ने पर मदद का आश्वासन दिया है। उमेश कुमार ने पत्रिका से बातचीत में बताया कि नगद की बजाय सामान इसलिए दिया कि किसान की बेटी के जीवन में काम आएगा।
हर कोई कर रहा पुलिस की तारीफ़
वहीँ थाना क्षेत्र और गांव में सब इंस्पेक्टर उमेश कुमार और नरेश कुमार की हर कोई इस नेकी की तारीफ़ कर रहा है। क्यूंकि पुलिस को जो समाज में छवि है,उसमें ऐसे उदहारण कम ही देखने को मिलते हैं। लेकिन उमेश और नरेश जैसे पुलिस अधिकारीयों की नेकी धीरे ही सही यूपी पुलिस की छवि जरुर बदल रही है।