
मुरादाबाद: सूबे योगी सरकार प्राथमिक शिक्षा को लेकर बेहद गंभीर दिखाई देती है और उसका दावा भी करती है। लेकिन अधिकारीयों की उदासीनता हर बार सरकार की छवि धूमिल करती है। जी हां हम ये बात इसलिए कह रहे हैं कि पिछले साल बच्चों को स्वेटर बांटने में जो हीलाहवाली से सरकार की फजीहत हुई थी। उस पर इस सत्र में हर हाल में 31 अक्टूबर तक स्वेटर बांटने के निर्देश सरकार ने दिए थे। इसी हकीकत को जानने के लिए टीम पत्रिका ने जनपद में स्कूलों में जाकर रियलिटी चेक किया था। जिसमें योगी सरकार का दावा फेल नजर आया था। इसके बाद हरकत में आये शिक्षा विभाग ने आनन फानन में स्कूलों में स्वेटर बंटवाये,जबकि अभी तक बजट का रोना रो रहे थे।
ये था सच
रियलिटी चेक में जब बेसिक शिक्षा अधिकारी योगेन्द्र कुमार से पूछा गया था कि 31 अक्टूबर तक स्वेटर क्यों नहीं बंटे तो इसका जबाब नहीं दिया। बल्कि ये कहा कि जल्द ही स्वेटर अब बंट जायेंगे। पत्रिका पर खबर चलने के बाद हरकत में आये प्रशासन ने लगभग 60 से 70 फीसदी स्कूलों में स्वेटर बंटवा दिए। खुद बेसिक शिक्षा अधिकारी योगेन्द्र कुमार ने इसकी जानकारी पत्रिका को दी। उन्होंने बताया कि अभी ठंड शुरू हुई है और लगभग सभी स्कूलों में स्वेटर बंट गए हैं। कहीं से कोई शिकायत अब नहीं हुई है।
पिछले साल हुई थी फजीहत
यहां बता दें कि पिछले साल कड़ाके की ठंड में नौनिहाल ठिठुरते हुए पहुंच रहे थे। जबकि सरकार ने ड्रेस के साथ स्वेटर और जूते मोज़े देने का भी वादा किया था। जब ये खबर पत्रिका ने प्रमुखता से उठाई थी तो सरकार और उनके नेताओं और मंत्रियों को जबाब देते नहीं बन रहा था। पूर्व मुख्य मंत्री अखिलेश यादव ने भी पत्रिका की खबर को कोट करते हुए सरकार की खिंचाई की थी। वहीँ इस बार भी जब पत्रिका ने सरकार के दावे को परखा तो महज उसके एक दो दिन में ही बजट से लेकर वितरण तक हो गया।
बच्चे हुए खुश
फ़िलहाल इस बार ठंड से पहले ही स्वेटर मिलने पर बच्चे और उनके परिजन बेहद संतुष्ट नजर आये। साथ ही अध्यापक भी।