UP Weather News: उत्तर प्रदेश में कल यानी 12 मई से मौसम फिर बदलने वाला है। मौसम विभाग ने प्रदेशभर समेत मुरादाबाद मंडल में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है।
UP Rain News:उत्तर प्रदेश में पिछले एक हफ्ते से थमी आंधी और बारिश के बाद अब मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। सोमवार सुबह प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में तेज धूप और उमस भरी गर्मी देखने को मिली। पूर्वी यूपी में मौसम पूरी तरह साफ रहा, जबकि पश्चिमी यूपी के सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और शामली समेत कई जिलों में बादलों की आवाजाही बनी रही। मौसम विभाग ने सोमवार को किसी भी जिले में बारिश या आंधी का अलर्ट जारी नहीं किया है, लेकिन मंगलवार यानी 12 मई से प्रदेश में मौसम अचानक बदल सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार, मुरादाबाद मंडल के मुरादाबाद, अमरोहा, संभल, रामपुर और बिजनौर जिलों में भी अगले तीन दिनों के दौरान तेज हवाएं चल सकती हैं। कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश होने के आसार हैं। विभाग ने कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की भी संभावना जताई है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फसलों और पशुओं की सुरक्षा के लिए पहले से तैयारी कर लें। तेज हवाओं की रफ्तार 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
बारिश का सिलसिला थमने के बाद प्रदेश में तापमान तेजी से बढ़ा है। रविवार को कई जिलों में दिन का तापमान 40 डिग्री के करीब पहुंच गया। प्रयागराज प्रदेश का सबसे गर्म शहर रिकॉर्ड किया गया, जहां अधिकतम तापमान 39.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। लखनऊ, कानपुर, वाराणसी और आगरा सहित कई शहरों में तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को परेशान किया। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले दिनों में मौसम बदलने से थोड़ी राहत जरूर मिलेगी, लेकिन इसके बाद गर्मी और ज्यादा तीखी हो सकती है।
लखनऊ मौसम केंद्र के वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जिसका असर 12 मई से उत्तर प्रदेश में दिखाई देगा। इस दौरान तेज हवाओं के साथ बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बढ़ेंगी। कई जिलों में बिजली गिरने और ओले पड़ने की आशंका भी जताई गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि बारिश के बाद तापमान में कुछ गिरावट आएगी, लेकिन 15 मई के बाद गर्मी दोबारा तेज हो सकती है और कई शहरों का पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है।
12 मई को पूर्वी और पश्चिमी यूपी में बादल छाए रहने के साथ कई जिलों में बारिश और तेज आंधी चलने की संभावना है। हवाओं की रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
13 मई को पूरे प्रदेश में मौसम खराब रहने का अनुमान है। गरज-चमक के साथ बारिश और धूलभरी आंधी चल सकती है।
14 मई को प्रदेश के अधिकांश जिलों में तेज हवा के साथ बारिश होने के आसार हैं। कुछ इलाकों में ओले गिरने और बिजली चमकने की भी चेतावनी जारी की गई है।
निजी मौसम एजेंसी स्काईमेट वेदर ने इस साल मानसून को लेकर बड़ा अनुमान जारी किया है। एजेंसी के मुताबिक, इस बार देश में सामान्य से लगभग 6 प्रतिशत कम बारिश हो सकती है। जून से सितंबर तक मानसून सीजन में औसतन 868.6 मिमी बारिश होती है, लेकिन इस बार बारिश सामान्य से कम रहने के संकेत मिल रहे हैं। एजेंसी ने 94 प्रतिशत बारिश का अनुमान जताया है। जून में सामान्य बारिश होने की उम्मीद है, लेकिन जुलाई से मानसून कमजोर पड़ सकता है और अगस्त-सितंबर में बारिश की कमी अधिक देखने को मिल सकती है।
मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक डॉ. एम महापात्रा ने बताया कि इस साल प्रशांत महासागर में ला-नीना जैसी परिस्थितियां खत्म हो रही हैं और अल-नीनो की स्थिति बनने के संकेत मिल रहे हैं। अल-नीनो की वजह से मानसून कमजोर हो सकता है और उत्तर प्रदेश समेत देश के कई हिस्सों में कम बारिश हो सकती है। इसके अलावा जनवरी से मार्च के बीच उत्तरी गोलार्ध में कम बर्फबारी भी मानसून पर असर डाल सकती है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इसका असर खेती, जलस्तर और बिजली खपत पर भी पड़ सकता है।
अल-नीनो वह स्थिति होती है जब समुद्र के पानी का तापमान सामान्य से 3 से 4 डिग्री तक बढ़ जाता है। इसका असर दुनियाभर के मौसम पर पड़ता है और भारत में अक्सर कम बारिश देखने को मिलती है।
वहीं ला-नीना के दौरान समुद्र का पानी तेजी से ठंडा होता है, जिससे बादल ज्यादा बनते हैं और अच्छी बारिश होती है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस साल अल-नीनो की स्थिति बनने से मानसून कमजोर पड़ सकता है।
मौसम विशेषज्ञों ने लोगों को गर्मी और लू से बचने के लिए सतर्क रहने की सलाह दी है। दोपहर के समय बिना जरूरत घर से बाहर निकलने से बचें। ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं और हल्के कपड़े पहनें। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। डॉक्टरों का कहना है कि लगातार बढ़ती गर्मी के बीच थोड़ी सी लापरवाही भी स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकती है।