टेम्पो में ही दो जुड़वां बच्चों को जन्म दिया। लेकिन सही समय पर चिकित्सीय सहायता नहीं मिल पाने से एक बच्चे की मौत हो गयी।
संभल: सूबे में स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के कितने ही दावे कर लिए जाएं। लेकिन अभी भी हालात बहुत ज्यादा बेहतर नहीं है। जिसकी बानगी कल जनपद के गुन्नौर तहसील में देखने को मिली। यहां समय पर फोन करने के बावजूद भी 108 या 102 एम्बुलेंस एक प्रसूता को नहीं मिली। और अस्पताल ले जाते समय महिला को टेम्पो में ही प्रसव पीड़ा शुरु हो गयी और उसने टेम्पो में ही दो जुड़वां बच्चों को जन्म दिया। लेकिन सही समय पर चिकित्सीय सहायता नहीं मिल पाने से एक बच्चे की मौत हो गयी। इस मामले में सीएमओ डॉ अमिता सिंह ने जांच कर कार्यवाही की बात कही है।
गुन्नौर क्षेत्र के हीरापुर निवासी रामबाबू के मुताबिक उसकी पत्नी को मंगलवार सुबह प्रसव पीड़ा शुरू हुई। उसने ग्यारह बजे एम्बुलेंस के लिए फोन किया। लेकिन चार पांच घंटे तक एम्बुलेंस गांव नहीं पहुंची। उधर उसकी पत्नी की प्रसव पीड़ा बढती जा रही थी। जिस पर वह एक किलोमीटर पैदल दौड़कर टेम्पो बुक करके लाया और गुन्नौर के सरकारी अस्पताल ले जा रहा था। लेकिन रास्ते में ही हालात बिगड़ने लगी तो स्थानीय महिलाओं के सहयोग से टेम्पो में ही महिला ने दो बच्चों को जन्म दिया। जिसमें एक बच्चे की मौत हो गयी।
फ़िलहाल दूसरे बच्चे के साथ महिला को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां दोनों का उपचार चल रहा है। वहीँ अभी तक समय पर एम्बुलेंस नहीं भेजने वालों डाक्टरों पर कोई कार्यवाही नहीं हुई है। उधर अब अधिकारी जांच कर कार्यवाही की बात कर रहे हैं। जबकि अगर चार घंटा पहले एम्बुलेंस पहुंच जाती तो शायद रामबाबू के दोनों बच्चे सही सलामत होते और उसकी पत्नी भी।
यहां बता दें कि स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का ये पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी इस तरह के कई मामले हो चुके हैं। जिनमें कार्यवाही न होने पर कर्मचारी और अधिकारी उदासीन बने हुए हैं। जबकि 108 और 102 तो बनी ही दूर दराज से मरीज लाने के लिए उसमें अगर इस तरह की लापरवाही चल रही है तो ये गंभीर मामला है।