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‘तोरी सूरत’ पर देवबंदी उलेमा भी हुए नाराज, सोना के लिए कहा कुछ ऐसा…

'ऐसा गीत जिससे देश के अंदर नफरत फैले और विवाद हो मंजूर नहीं होगा।'
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सहारनपुर

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Ashutosh Pathak

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Updated: 2 May 2018, 2:05 PM IST

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सहारनपुर। गायिका सोना महापात्रा के गाने पर मचा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अमिर खुसरो की सूफी कलाम गाने के बाद उनको लगातार धमकियां मिल रही हैं। सोना महापात्रा ने खुद सोशल मीडिया के माध्यम से इस बात की जानकारी दी है। इतना ही नहीं सूफी मदारिया फाउंडेशन की ओर से मिल रही धमकियों को लेकर उन्होंने मुबई पुलिस को ट्वीट कर शिकायत भी दर्ज कराई है।

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दक्षिण की मलयालम फिल्म में मोहम्मद साहब की पत्नी और बेटी का नाम लिए जाने से उठा विवाद अभी थमा भी नहीं था कि अब सोना महापात्रा के म्यूजिक एल्बम को लेकर नया बखेड़ा खड़ा हो गया है। सूफी फाउंडेशन के बाद अब देवबंदी के उलेमा ने भी उनके गाने के वीडियो पर एतराज जताया है। देवबंदी के आलीम मुफ्ती तारीख कासमी का कहना है कि कोई भी ऐसा गीत जिससे देश के अंदर नफरत फैले और विवाद हो मंजूर नहीं होगा। उनका कहना है कि जरा सी पॉपुलैरिटी और शोहरत के चक्कर में कभी-कभी लोग ऐसा कर जाते हैं कि शहर या देश की व्यवस्था खराब हो जाती है। ऐसे गीत जिससे किसी भी मजहब किसी भी धर्म की आस्था को ठेस पहुंचती हो गाने वाले, लिखने वाले और उसके ऊपर रियेक्ट करने वाले हर आदमी को ये सोचना चाहिए। इसलिए देश की व्यवस्था को बनाए रखने के लिए किसी भी मजहब किसी भी धर्म किसी भी ऐसे पहलू को नहीं करना चाहिए जिससे नुकसान पहुंचे।

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दरअसल सोना महापात्रा के नए एल्बम के गाने तोरी सूरत को लेकर सूफी मदारिया फाउंडेशन ने धमकी दी है। फाउंडेशन का कहना है कि गाना वल्गर है और इससे सांप्रदायिक दंगे हो सकते हैं। इतना ही नहीं सोना महापात्रा ने अपनी शिकायत में कहा है कि उन्हें धमकी दी गई है कि वो अपने अपनी सभी वीडियो जल्द से जल्द हटा लें। उनके पांच साल पहले एक गाने पर भी आपत्ति जताते हुए हटाने को कहा है।

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