नंबर पर सीधे बात कर फरियादी अपनी शिकायत कर सकेंगे और उसका त्वरित समाधान भी किया जाएगा।
मुरादाबाद: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अब फ़रियादी सीधे फरियाद कर सकेंगे । इसके लिये फ़रियादीयो को अब सीएम से मिलने लखनऊ जाने की जरूरत भी नही पड़ेगी। फ़रियादियों की समस्याओं को देखते हुए प्रदेश सरकार 1076 सीएम हेल्पलाइन शुरू करने जा रही है। हेल्पलाइन चलाने में किसी प्रकार की समस्या न आए इसको लेकर मुरादाबाद एनआईसी में जनपद स्तर के सभी अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया। एनआइसी प्रभारी संजय अरोड़ा ने बताया कि इस हेल्पलाइन की शुरुआत 1 जनवरी को मुख्यमंत्री योगीआदित्यनाथ करेंगे। हेल्पलाइन सही प्रकार से कार्य करे इसको लेकर जनपद के अधिकारियों को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
यहां बता दें कि सूबे के फरियादियों को अब अपनी बात कहने के लिए लखनऊ नहीं जाना पड़ेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर की गयी शिकायत सीधे सीएम योगी तक पहुंच जाएगी। जिसके लिए हेल्पलाइन की तैयारी की जा रही है। हेल्पलाइन पर की गयी शिकायतों का समाधान सीएम कार्यालय की निगरानी में किया जाएगा। इसके लिए आइजीआरएस पोर्टल से सीएम हेल्पलाइन नंबर को लिंक किया जाएगा। फरियादियों के मोबाइल में शिकायत दर्ज कराने से लेकर शिकायत निस्तारण तक के सभी मैसेज मिलेंगे। इतना ही नहीं सीएम हेल्पलाइन काल सेंटर से समय-समय पर फोन करके फरियादी से शिकायत निस्तारण की जानकारी भी मांगी जाएगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले ही कहा था कि वो जनशिकायतों को लेकर ख़ासा गंभीर हैं। इसलिए इस तरह की व्यस्था होगी ताकि आम आदमी की शिकायतें जल्द दूर हों। निकाय चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने खुद सिटिजन चार्टर लागू करने की बात कही थी। ये हेल्पलाइन उसी से जोड़कर देखी जा रही है। यही नहीं इस हेल्पलाइन से स्थानीय अधिकारीयों की जनता के बीच सक्रियता की भी पोल खुल जाएगी। क्योंकि शिकायतों का लगातार सीएम तक पहुंचने से विभागीय अधिकारियों के साथ ही वरिष्ठ अफसरों की भी जवाब देही तय हो जाएगी।
स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि इसके लिए तैयारी डायल 100 के तर्ज पर हो रही है। सीएम हेल्पलाइन पर बात करने के लिए 24 घंटे व्यवस्था उपलब्ध रहेगी। इसमें शिकायतों का निस्तारण जल्द से जल्द करना अधिकारियों की मजबूरी भी होगी, क्योंकि दूरदराज से लखनऊ पहुंच कर शिकायत करने के मामले पर सीएम पहले भी अधिकारियों पर नाराज हो चुके हैं, उनके मुताबिक अधिकारी सही से काम नहीं कर रहे। इसलिए जनता को अपनी पीड़ा लेकर इतनी दूर आना पड़ रहा है, ये हेल्पलाइन उसका तोड़ मानी जा रही है।