मुरैना

शहर के मुख्य मार्ग सहित बस्तियों के नाले-नालियां चोक

बारिश होने पर हो सकती है जलभराव की समस्या, नगर निगम ने इस साल शुरू नहीं की बारिश से पूर्व होने वाली सफाई

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May 22, 2025

मुरैना. नगर निगम क्षेत्र की करीब तीन लाख की आवादी के बीच बने नाले- नालियां की इस साल बारिश से पूर्व की सफाई अभी तक शुरू नहीं की गई है। शहर के मुख्य मार्ग व बस्तियों के नाले-नालियां पूरी तरह चोक हैं। अगर समय रहते सफाई नहीं हुई तो बारिश होने पर जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

नगर निगम द्वारा सफाई के नाम पर हर महीने करीब २२ लाख रुपए फूंके जा रहे हैं, पर्याप्त वाहन व सफाई अमला होने के बाद भी शहर के नाले नालियों की सफाई शुरू नहीं हो सकी है। शहर के मुख्य मार्ग एम एस रोड, नैनागढ़ रोड, वनखंडी रोड, आम पुरा रोड, प्रेम नगर काशी बाबा कॉलोनी मार्ग, माधौपुरा रोड, अंबाह रोड, हाईव के नाले पूरी तरह चोक पड़े हैं। यहां कचरे से नाले पूरी तरह पटे हुए है। निगम के पास सफाई के लिए बड़ा अमला और तमाम वाहन व अन्य संसाधन होने के बाद भी प्रोपर सफाई नहीं हो पा रही है।

सीवर लाइन डलने के साथ ही बस्तियों में बंद कर दी नालियां

शहर के करीब २४ वार्ड में पहले चरण की सीवर लाइन डाली गई, उस दौरान अक्सर लोगों ने अपने घर के पाइपों का कनेक्शन और छत के पाइप भी सीवर लाइन के साथ जोड़ दिए हैं। बस्तियों में नालियां उसी समय से बंद हैं। बारिश के समय सडक़ें जलमग्न हो जाती हैं लेकिन नगर निगम ने इन नालियों को आज तक नहीं खोला गया है। शहर के केशव कॉलोनी, गोपाल पुरा, सिद्ध नगर, गणेश पुरा, चंबल कॉलोनी, जीवाजी गंज, दत्तपुरा, महावीर पुरा, यादव कॉलोनी सहित अन्य बस्तियों में ७० प्रतिशत नालियां चोक हैं। अगर इन नालियों को नहीं खोला गया तो बारिश में लोगों के घरों में भी पानी भर सकता है।

क्या कहते हैं नागरिक

सीवर लाइन डाली थीं, उस समय कुछ लोगों ने घर के पाइपों को सीवर लाइन के कनेक्शन में जॉइंट कर दिए हैं और घर के आगे नालियां बंद कर दी हैं, उन नालियों को नहीं खोला गया तो जल भराव की समस्या आ सकती है।


लला तोमर, माधौपुरा

शहर के मुख्य मार्ग एम एस रोड, नैनागढ़ रोड, वनखंडी रोड सहित अन्य क्षेत्र में नालों की अभी तक सफाई शुरू नहीं की है, इसलिए नाले चोक हैं, अगर बारिश हुई तो सडक़ों पर बाढ़ जैसे हालात निर्मित हो सकते हैं।

विनोद डंडोतिया, रामनगर

फैक्ट फाइल

85 वाहन लगे हैं निगम के सफाई गाडी अड्डा पर।
12 जेसीबी जिनमें छह प्राइवेट शामिल।
21 ट्रैक्टर-ट्रॉली जिनमें 10 किराए पर लगे हैं।
45 डोर टू डोर बाहन जुड़े हैं गाड़ी अड्डा ते।
152 कर्मचारी तैनात्त हैं गाड़ी अड्डा पर।
22 लाख का डीजल लगता है वाहनों में महीने में।
01 लाख के करीब मेंटेनेंस पर होते हैं महीने में खर्च।
02 करोड़ के करीब वेतन खर्च होता है गाडी अड्डा पर तैनात कर्मचारियों पर।
1100 कर्मचारी तैनात हैं निगम में।
750 सफाईकर्मी तैनात हैं।

बड़े नालों की सफाई के लिए इस बार टेंडर किए हैं। एक दो दिन में सफाई शुरू हो जाएगी। वहीं बस्तियों में निगम के अमले ने काम करना शुरू कर दिया है।

डॉ. जगदीश टैगोर, स्वास्थ्य अधिकारी, नगर निगम

Published on:
22 May 2025 12:08 pm
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