जिम्मेदार अधिकारी नहीं रहते आवासों में, कर्मचारी हो परेशान, मामला चंबल कॉलोनी के जल संसाधन विभाग के वाटर पंपों का
मुरैना. जल संसाधन विभाग के जिम्मेदार अधिकारी जिसमें कॉलोनी इंचार्ज और प्रभारी कार्यपालन यंत्री के सरकारी आवासों में न रहने से यहां अव्यवस्थाएं पसरी हुई हैं। बिल बकाया होने पर बिजली कंपनी ने वाटर पंपों के कनेक्शन काट दिया, दो दिन से 350 सरकारी आवासों में वाटर सप्लाई ठप पड़ी थी। अगर जिम्मेदार अधिकारी सरकारी आवासों में रहते तो उनको पता चलता कि कॉलोनी में क्या समस्याएं हैं।
जानकारी के अनुसार जल संसाधन विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों के लिए चंबल कॉलोनी में करीब 350 सरकारी आवास बने हुए हैं। इन आवासों में जो भी समस्याएं हैं, उनका निराकरण का जिम्मा कॉलोनी इंचार्ज और प्रभारी कार्यपालन यंत्री का रहता है लेकिन ये दोनों अधिकारी कॉलोनी के सरकारी आवासों में न रहकर शहर में अपने निजी मकानों में रह रहे हैं। इन सरकारी आवासों में वाटर सप्लाई के लिए दो पंप संचालित हैं, एक लाइट मशीनरी विभाग के परिसर और दूसरा जल संसाधन विभाग के कार्यालय के पीछे स्थित है। इन दोनों पंपों से ही 350 आवासों में पानी की सप्लाई होती है। लेकिन बिल बकाया होने से शनिवार की सुबह इन दोनों पंपों के कनेक्शन बिजली कंपनी ने काट दिए, जिसके चलते सरकारी आवासों में पेयजल सप्लाई ठप हो गई और कर्मचारियों को इधर उधर से पानी की व्यवस्था करनी पड़ी। कॉलोनी इंचार्ज आर के बंसल ने बताया कि लाइट मशीनरी वाले पंप पर एक लाख का बिजली बिल और दूसरा का अभी जोड़ा नहीं गया हैं।
अधिकारियों की लापरवाही के चलते नहीं जुड़ सकी पाइप लाइन
इंदौर घटना के बाद प्रदेश सरकार काफी अलर्ट मूंड में आ गई है। यहां तक कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने जिले भर के निकाय अधिकारियों की बैठक लेकर लीकेज व गंदे पानी की समस्या के तुरंत निराकरण के निर्देश दिए और स्वयं भोपाल की टीम के साथ शहर में घूमे, जहां लीकेज था, उसको दुरस्त कराया लेकिन जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को प्रदेश सरकार और कलेक्टर के निर्देश भी बौने साबित हो रहे हैं। कॉलोनी की पानी की पाइप लाइन जर्जर होने से सरकारी आवासों में गंदा पानी पहुंच रहा है लेकिन अधिकारियों की लापरवाही व अनदेखी के चलते इन पाइप लाइनों को दुरस्त नहीं कराया जा रहा है, जिससे कर्मचारी गंदा पानी पीने को मजबूर हैं।
बिल बकाया होने पर बिजली कंपनी ने शनिवार को वाटर पंपों के कनेक्शन काट दिए थे लेकिन बिजली कंपनी के अधिकारियों से बात हो गई है, समाधान योजना के तहत बिल जमा करवा दिया जाएगा, इसलिए उन्होंने कनेक्शन जोड़ दिए हैं, अब पानी की प्रोपर सप्लाई शुरू हो गई है।