मुंबई

इंसानियत हुई शर्मसार! कैंसर से जूझ रही दादी को पोते ने कचरे के ढेर में फेंका

Mumbai Shocker : मुंबई पुलिस बुजुर्ग महिला को उसके परिवार से मिलाने और इस अमानवीय घटना के दोषियों का पता लगाने के लिए जांच कर रही कर रही है।
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Updated: 23 Jun 2025, 9:02 PM IST
Mumbai Crime News
मुंबई पुलिस

देश कि आर्थिक राजधानी मुंबई से एक दिल को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। जहां 60 वर्षीय यशोदा गायकवाड़ (Yashoda Gaikwad) को उनके ही पोते ने कथित तौर पर कचरे के ढेर में छोड़ दिया। बताया जा रहा है कि यशोदा त्वचा कैंसर (Cancer) से पीड़ित हैं।

यह दर्दनाक मामला शनिवार सुबह तब सामने आया, जब आरे कॉलोनी (Aarey Colony) इलाके में सड़क किनारे एक कचरे के ढेर पर बेहद कमजोर हालत में पड़ी एक बुज़ुर्ग महिला को किसी राहगीर ने देखा और पुलिस (Mumbai Police) को सूचना दी। बुजुर्ग के शरीर पर जख्म थे, वे चलने में असमर्थ थीं, और इतनी कमजोर हो चुकी थी कि ठीक से बोल भी नहीं पा रही थीं। जब पुलिस ने उनसे पूछताछ की तो उन्होंने टूटे शब्दों में बताया, "मुझे मेरे पोते ने यहां छोड़ दिया..."

इलाज के लिए दर-दर भटकी!

मौके पर पहुंची आरे पुलिस ने तुरंत बुजुर्ग महिला को अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन कई अस्पतालों ने उनकी हालत देखकर भर्ती करने से इनकार कर दिया। अंततः शाम 5:30 बजे उन्हें बीएमसी के कूपर अस्पताल में भर्ती किया गया। सोचने वाली बात है कि सुबह मिली बुज़ुर्ग महिला को इलाज के लिए पूरे दिन इंतजार करना पड़ा। लेकिन उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

पुलिस ने जनता से मांगी मदद

यशोदा ने पुलिस को बताया कि वह पहले मलाड में अपने पोते के साथ रहती थी। हालांकि उन्होंने पुलिस को मालाड और कांदिवली में अपने रिश्तेदारों के दो पते बताए हैं।

वहीं, मुंबई पुलिस ने परिजनों की तलाश शुरू कर दी है और उनकी तस्वीरें सभी थानों में साझा कर दी गई हैं। वरिष्ठ निरीक्षक रवींद्र पाटिल ने जनता से अपील कि है की अगर किसी को यशोदा गायकवाड़ के बारे में कुछ पता है या उन्हें जनता है तो तुरंत आरे पुलिस स्टेशन से संपर्क करें।

Updated on:
23 Jun 2025, 9:02 PM IST
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