
Shiv Sena UBT Split: शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) में कथित टूट और 'ऑपरेशन टाइगर' की चर्चाओं के बीच पार्टी नेता आदित्य ठाकरे ने बागी सांसदों पर तीखा हमला बोला है। आदित्य ठाकरे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर उन सांसदों को निशाने पर लिया, जिनके एकनाथ शिंदे गुट में जाने की चर्चा है।
आदित्य ठाकरे ने कहा कि पार्टी छोड़ने वाले सांसदों ने यह साबित कर दिया है कि उनकी वफादारी और प्रतिष्ठा बिकाऊ है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष राजनीतिक फायदे के लिए सरकारी संसाधनों और सार्वजनिक धन का इस्तेमाल कर रहा है।
आदित्य ठाकरे ने अपने पोस्ट में कहा कि जो सांसद आज शिवसेना (यूबीटी) छोड़कर जा रहे हैं, वे महाविकास आघाड़ी (एमवीए) और INDIA गठबंधन के समर्थन से चुनाव जीतकर संसद पहुंचे थे। उनके लिए शिवसेना (यूबीटी), कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) के नेताओं ने प्रचार किया था।
उन्होंने लिखा कि इन सांसदों ने चुनाव के दौरान सहयोगी दलों के नेताओं से रैलियां करवाईं और जनता से वोट मांगे। ऐसे में अब उनके पास पार्टी छोड़ने को लेकर कोई वैचारिक तर्क नहीं बचा है।
आदित्य ठाकरे ने कहा कि संबंधित लोकसभा क्षेत्रों में मतदाताओं ने NDA उम्मीदवारों के खिलाफ और INDIA गठबंधन के पक्ष में मतदान किया था। जनता ने गठबंधन की विचारधारा और एजेंडे पर भरोसा जताया था।
उन्होंने बागी सांसदों पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें यह स्वीकार कर लेना चाहिए कि सत्ता और लालच के कारण उन्होंने रातोंरात अपने सिद्धांतों और मतदाताओं के विश्वास को छोड़ दिया।
अपने पोस्ट में आदित्य ठाकरे ने लिखा, "जो सांसद दूसरी तरफ चले गए हैं, उन्होंने यह साबित कर दिया है कि उनकी वफादारी और प्रतिष्ठा बिकाऊ है। उन्हें बिना शर्म के स्वीकार करना चाहिए कि लालच के कारण उन्होंने अपने मतदाताओं और गठबंधन का साथ छोड़ दिया।"
गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से शिवसेना (यूबीटी) के कई सांसदों के एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल होने की चर्चा है। इसे लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में 'ऑपरेशन टाइगर' की काफी चर्चा हो रही है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी इस मुद्दे पर बयान दे चुके हैं।
ऐसे में आदित्य ठाकरे का यह हमला साफ संकेत देता है कि बागी सांसदों को लेकर ठाकरे परिवार अब खुलकर आक्रामक रुख अपना रहा है।