
Abhijeet Dipke Birthday: सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने मंगलवार को अपना जन्मदिन कुछ अलग अंदाज में मनाया। उन्होंने Instagram पर एक मजेदार पोस्ट शेयर कर लोगों से फोन नहीं करने की अपील की। वहीं, CJP के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने उन्हें भावुक संदेश के साथ जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं।
दीपके ने Instagram पर अपनी एक तस्वीर वाला मीम शेयर किया। तस्वीर में वह अंगूठा दिखाते नजर आ रहे हैं और साथ में लिखा है- “No calls please”। मीम में उनके जन्मदिन को लेकर मजाकिया अंदाज में 'हां हां, हैप्पी बर्थडे' भी लिखा गया था।
आशुतोष रांका ने दिपके को जन्मदिन की बधाई देते हुए लिखा कि जब हम उम्मीद खोने लगे थे, तब आपने इस देश और मुझे संभाला। उन्होंने आगे लिखा कि आने वाले समय में कई अच्छी चीजें और यादगार पल उनका इंतजार कर रहे हैं। रांका ने दीपके के लिए अपना प्यार भी जाहिर किया और उन्हें अपना भाई बताया।
CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधीर सांगवान ने भी अभिजीत दीपके को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने दीपके को एक बेहतरीन और सच्चा इंसान बताते हुए कहा कि उनमें कोई दिखावा या बनावटीपन नहीं है। सांगवान ने लिखा कि दिपके ने उन्हें साहस, संघर्ष और दृढ़ विश्वास के साथ जीतने का तरीका सिखाया है। उन्होंने दीपके की सोच की स्पष्टता और अपने सिद्धांतों पर अडिग रहने की तारीफ की। CJP के टेक लीड रोहन ने भी दीपके को जन्मदिन की बधाई दी और उन्हें 'OG Cockroach' बताया। उन्होंने कहा कि दीपके ने देश के युवाओं को अपने अधिकारों के लिए लड़ने और सच के लिए आवाज उठाने की याद दिलाई है।
अभिजीत दीपके कॉकरोच जनता पार्टी के NEET-UG परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ बड़े आंदोलन के दौरान सुर्खियों में आए थे। इस आंदोलन के बाद तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दिया था।
हाल ही में दीपके ने मुंबई में 2 अक्टूबर को 'जेल भरो आंदोलन' का ऐलान किया है। मुंबई पुलिस की ओर से गांधी जयंती के मौके पर शिवाजी पार्क में प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने के बाद CJP ने यह घोषणा की। दिपके ने X पर पोस्ट कर कहा था, “मुंबई में जेल भरो आंदोलन। 2 अक्टूबर, शिवाजी पार्क। #SaveDemocracy”।
CJP ने यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आयोजित करने की बात कही है। संगठन ने उनके इस्तीफे की मांग के साथ मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) को रोकने और चुनाव आयोग से जुड़े कानूनी ढांचे में बदलाव की भी मांग की है।