मुंबई

‘जब लोगों को भरोसा ही नहीं तो राजनीति करके क्या करेंगे’, अभिजीत दीपके का सीजेपी को लेकर बड़ा ऐलान

Abhijeet Dipke: CJP प्रमुख अभिजीत दीपके ने राजनीति में आने की अटकलों पर विराम लगाते हुए कहा कि जब लोगों का राजनीति, न्यायपालिका और चुनाव प्रणाली पर भरोसा कम हो रहा है, तब देश को राजनीतिक दल नहीं बल्कि जन आंदोलन की जरूरत है।
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Updated: 3 Aug 2026, 2:28 PM IST
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अभिजीत दीपके (Photo: IANS)

Cockroach Janta Party: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने राजनीति में आने की अटकलों पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा कि सीजेपी का फिलहाल राजनीति में उतरने का कोई इरादा नहीं है। दीपके का कहना है कि जब लोगों का राजनीति, न्यायपालिका, चुनाव प्रणाली और मीडिया पर भरोसा लगातार कम हो रहा है, तब एक और राजनीतिक दल बनाने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। देश को इस समय राजनीतिक पार्टी नहीं, बल्कि एक मजबूत जन आंदोलन की जरूरत है। जो वर्तमान सरकार पर दबाव बढ़ा सके।

क्या अभिजीत दीपके बनाएंगे नई पार्टी?

राजनीति में प्रवेश और सीजेपी के भविष्य को लेकर पूछे गए सवाल पर अभिजीत दीपके ने कहा कि हमारा पॉलिटिक्स में उतरने का इरादा नहीं है। न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में उन्होंने कहा, "अभी हमारा ऐसा कोई इरादा नहीं है। देश में अभी राजनीतिक की हालत क्या है, सब जानते है। हम देख रहे हैं कि ईडी-सीबीआई का इस्तेमाल कर राजनीतिक दलों को तोड़ा जा रहा है। चुनावों में वोट हटाए जा रहे हैं। जब लोगों का राजनीति पर ही भरोसा खत्म होता जा रहा है तो राजनीतिक पार्टी बनाकर हम क्या करेंगे? जिस तरह न्यायपालिका, चुनाव व्यवस्था और यहां तक कि मीडिया पर भी लोगों का विश्वास कम हो रहा है, ऐसे समय में देश को जन आंदोलन की जरूरत है। प्रेशर ग्रुप की जरुरत है।"

सीजेपी ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर 37 दिनों तक चले अपने आंदोलन को 25 जुलाई को समाप्त कर दिया था। आंदोलन की शुरुआत केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर हुई थी।

दीपके ने कहा कि उनकी प्रमुख मांग पूरी हो गई, क्योंकि धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया। हालांकि उन्होंने नए शिक्षा मंत्री की नियुक्ति पर भी सवाल उठाए।

अभिजीत दीपके ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान की जगह प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्री बनाया गया है, लेकिन उनकी नियुक्ति से भी वह संतुष्ट नहीं हैं।

उन्होंने आरोप लगाया, "प्रह्लाद जोशी उन लोगों का सम्मान करते हुए दिखाई दिए थे, जिन पर बिलकिस बानो दुष्कर्म मामले में शामिल होने का आरोप है। स्कूल जाने वाली लड़कियां जब ऐसी तस्वीरें देखेंगी तो उनके मन पर क्या असर पड़ेगा? हम इसका समर्थन नहीं करते।"

20 जुलाई की हिंसा को लेकर लगाए गंभीर आरोप

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और पुलिस कार्रवाई को लेकर भी अभिजीत दीपके ने गंभीर आरोप लगाए। उनका दावा है कि आंदोलन को बदनाम करने के लिए पहले से साजिश रची गई थी। दीपके ने कहा कि आंदोलन की शुरुआत से ही उन्हें आशंका थी कि बाहरी लोगों को भेजकर माहौल खराब किया जाएगा और इसका आरोप CJP कार्यकर्ताओं पर लगाया जाएगा।

उन्होंने आरोप लगाया कि "कुछ गुंडों की दिल्ली पुलिस के साथ मिलीभगत थी। जिस प्रदर्शन स्थल पर मुझे जांच के बिना प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा था, वहां हजारों आपराधिक प्रवृत्ति के लोग खुलेआम घूम रहे थे। यह दिल्ली पुलिस की भूमिका पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।"

अमित शाह पर कटाक्ष करते हुए कहा- पत्थरों से भरा ट्रक पहले से खड़ा था

अभिजीत दीपके ने दावा किया कि 19 जुलाई को ही जंतर-मंतर के मंच के पीछे पत्थरों से भरा एक ट्रक खड़ा किया गया था। इसके अलावा वहां पहले से एक क्षतिग्रस्त वैन भी मौजूद थी। उन्होंने आरोप लगाया कि अगले दिन हुई पत्थरबाजी की घटना पहले से तय योजना का हिस्सा थी और इसकी तैयारी पहले ही कर ली गई थी।

दीपके ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यदि दिल्ली पुलिस के अनुसार प्रदर्शन स्थल पर बड़ी संख्या में आपराधिक तत्व मौजूद थे, तो उन्हें रोकने में पुलिस क्यों विफल रही।

उन्होंने कहा, "अगर इतने अपराधी वहां मौजूद थे तो उन्हें रोका क्यों नहीं गया? यह कानून-व्यवस्था की गंभीर विफलता है। मेरे मुताबिक यह सिर्फ नाकामी नहीं, बल्कि पहले से बनाई गई योजना का हिस्सा था।"

Updated on:
3 Aug 2026, 2:28 PM IST
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