
Abhijit Dipke student FIR demand: नीट और परीक्षा धाधंली के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर 37 दिनों तक चले आंदोलन का नेतृत्व करने वाले 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके अपने गृह नगर छत्रपति संभाजीनगर लौट आए हैं। लंबे संघर्ष के बाद घर पहुंचने पर उन्होंने राहत की सांस ली और मीडिया से बातचीत करते हुए आंदोलन के भविष्य, पेपर लीक कानून और छात्रों पर दर्ज मामलों पर अपनी बात रखी।
घर वापसी पर अपनी खुशी व्यक्त करते हुए अभिजीत दीपके ने कहा है कि 'मैं 37 दिनों तक जंतर-मंतर पर बैठा रहा। इतने लंबे संघर्ष के बाद घर वापस आकर मुझे बहुत खुशी हो रही है। अब आखिरकार मैं सुकून से सो सकूंगा और अपनी सामान्य जिंदगी में वापस लौटना चाहता हूं।'
लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक (Public Examination Amendment Bill) पर सवाल उठाए जाने पर दीपके ने कहा कि देश में कई तरह के सुधार किए जाते हैं, लेकिन जब तक लोगों और सरकार की नीयत में सुधार नहीं होगा, तब तक कुछ नहीं बदल सकता। उन्होंने फास्ट ट्रैक कोर्ट की ढिलाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि पेपर लीक मामले को लेकर बनाई गई फास्ट-ट्रैक कोर्ट की पहली ही सुनवाई सीबीआई (CBI) के वकील के अनुपस्थित रहने की वजह से स्थगित कर दी गई। इससे सरकार की गंभीरता का पता चलता है।
प्रदर्शन में शामिल छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर दीपके ने सरकार को कड़ा अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि
अगर प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज की गई सभी प्राथमिकी (FIR) तुरंत वापस नहीं ली जाती हैं, तो हमारा आंदोलन जारी रहेगा। अगर जरूरत पड़ी, तो हमारा अगला विरोध प्रदर्शन पहले से भी ज्यादा बड़ा और उग्र होगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोशल मीडिया सक्रियता को लेकर पूछे गए सवाल पर अभिजीत दीपके ने कटाक्ष करते हुए कहा कि उन्हें लगता है कि प्रधानमंत्री अब एक सफल सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर की भूमिका ज्यादा प्रभावी ढंग से निभा रहे हैं। दीपके ने कहा कि मोदी लगातार इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वीडियो साझा करने में व्यस्त रहते हैं। उनका कहना था कि यदि उनका पूरा ध्यान इसी दिशा में है, तो उन्हें प्रधानमंत्री पद छोड़ देना चाहिए और देश की जिम्मेदारी किसी ऐसे व्यक्ति को सौंपनी चाहिए, जो शासन और प्रशासन पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित कर सके।