Sahar Shaikh vs Jitendra Awhad: शरद पवार के करीबी जितेंद्र आव्हाड का गढ़ माने जाने वाले मुंब्रा में बड़ा सियासी उलटफेर हुआ है। यहां असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ने अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। आव्हाड के पुराने साथी यूनुस शेख की बेटी सहर शेख ने जीतने के बाद सीधे आव्हाड को चुनौती दी है।
ठाणे नगर निगम चुनाव के नतीजों के बाद मुंब्रा की राजनीति में उबाल आ गया है। नवनिर्वाचित एआईएमआईएम (AIMIM) पार्षद सहर शेख (Sahar Shaikh) के ‘हरे रंग’ वाले बयान को लेकर भाजपा ने मोर्चा खोल दिया है। पूर्व सांसद किरीट सोमैया के नेतृत्व में भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुंब्रा पुलिस थाने में सहर शेख के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।
क्या है पूरा विवाद?
असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ने ठाणे नगर निगम चुनाव में 5 सीटों पर जीत हासिल कर सबको चौंका दिया है। जीत के बाद समर्थकों को संबोधित करते हुए 22 वर्षीय नवनिर्वाचित पार्षद सहर शेख ने कहा, "अगले पांच वर्षों में मुंब्रा का हर उम्मीदवार एआईएमआईएम से होगा। मुंब्रा को पूरी तरह से हरा रंग देना होगा।"
इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही भाजपा और अन्य सत्तारूढ़ दलों ने इसे सांप्रदायिक करार दिया।
मुंब्रा पुलिस को सौंपे गए पत्र में भाजपा नेता किरीट सोमैया ने आरोप लगाया कि यह बयान सांप्रदायिक तनाव भड़काने के उद्देश्य से दिया गया है। सोमैया ने कहा, मुंब्रा महाराष्ट्र का हिस्सा है और यह राज्य छत्रपति शिवाजी महाराज के भगवा झंडे के सामने नतमस्तक है। जीत के बाद एआईएमआईएम नेता भड़काऊ भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सहर शेख की सफाई- हरा रंग पार्टी के झंडे का है
बवाल बढ़ता देख सहर शेख ने मीडिया के सामने अपनी सफाई पेश की। उन्होंने कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया है। उन्होंने कहा, "मेरी पार्टी एआईएमआईएम का झंडा हरा है, इसलिए मैंने हरा रंग करने की बात कही। अगर मेरी पार्टी का झंडा भगवा या कुछ और होता, तो मैं उस रंग की बात करती। इसको धर्म से जोड़ना गलत है। विरोधी जानबूझकर मेरे बयान को धार्मिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं।"
इस बीच, मुंब्रा पुलिस थाने के वरिष्ठ निरीक्षक अनिल शिंदे ने पुष्टि की है कि उन्हें भाजपा की ओर से शिकायत मिली है। पुलिस फिलहाल भाषण के वीडियो फुटेज की जांच कर रही है ताकि यह तय किया जा सके कि क्या इसमें किसी कानून का उल्लंघन हुआ है।