मुंबई

विमान के अंदर ही खाक हो गए थे तीन शव, घड़ी से हुई अजित पवार की पहचान, फिर कराई डीएनए जांच

Ajit Pawar Death: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का बुधवार को बारामती में विमान हादसे में निधन हो गया। इस घटना ने पूरे महाराष्ट्र को गहरे सदमे में डाल दिया है।
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Jan 29, 2026
People explained in detail how Ajit Pawar's plane crashed

पुणे जिले के बारामती हवाई पट्टी के पास अटोले वस्ती में बुधवार सुबह जो मंजर दिखा, उसने पूरे महाराष्ट्र को सुन्न कर दिया। चश्मदीदों और बचाव दल के मुताबिक, हादसा इतना भीषण था कि विमान के जमीन से टकराते ही आग का गोला उठा। इस हादसे में उपमुख्यमंत्री अजित पवार सहित पांचों लोगों के शरीर इस कदर झुलस गए थे कि उनकी पहचान करना भी मुश्किल हो गया था। धमाके की वजह से दो शव विमान से उड़कर बाहर आ गए थे।

रोंगटे खड़े कर देने वाला था मंजर

हादसे वाली जगह के बेहद करीब रहने वाले 65 वर्षीय किसान रघु मारुति अटोले ने उस खौफनाक मंजर को अपनी आंखों से देखा। रघु ने बताया, "मैं सुबह मवेशियों को चारा डाल रहा था, तभी एक छोटा विमान हवाई पट्टी की ओर जाता दिखा। विमान लड़खड़ा रहा था। उसका पिछला हिस्सा एक पेड़ से टकरा गया। कुछ ही मिनटों बाद विमान रेलवे गेट की ओर से फिर लैंडिंग साइड की तरफ लौटा। सुबह करीब 8:45 बजे अचानक जोरदार धमाका हुआ। जब वह दौड़कर घटनास्थल की ओर पहुंचे तो करीब 50 फीट ऊंची आग की लपटें दिखाई दे रही थीं और विमान के टुकड़े चारों ओर बिखरे हुए थे।“ चश्मदीद रघु के मुताबिक, इलाके में घना कोहरा था।

3 शव विमान के अंदर, 2 बाहर

बारामती MIDC फायर स्टेशन के अधिकारी एसटी इंगावले ने बताया कि सुबह 8:57 बजे उन्हें इमरजेंसी कॉल मिली। जब टीम पहुंची, तो विमान के ईंधन की वजह से आग आसपास के पेड़ों और घास तक फैल चुकी थी। आग पर काबू पाने के बाद टीम ने देखा कि दो शव विमान के बाहर गिरे थे, जबकि तीन शव विमान के अंदर ही बुरी तरह जलकर खाक हो चुके थे।

पुणे ग्रामीण के एसपी संदीप सिंह गिल ने बताया कि शव इतनी बुरी तरह जल चुके थे कि उनकी शिनाख्त करना असंभव था। सूत्रों के मुताबिक, घटनास्थल पर मौजूद अधिकारियों ने कलाई पर बंधी घड़ी और कुछ अन्य निजी सामानों के आधार पर प्राथमिक तौर पर अजित पवार की पहचान की। इसके बाद पूरी पुष्टि के लिए डीएनए जांच कराई गई और परिजनों से संपर्क किया गया।

DNA टेस्ट से हुई शव की शिनाख्त

पुलिस ने बताया कि पहचान को लेकर कोई संशय न रहे, इसलिए शवों का डीएनए टेस्ट कराया गया। फॉरेंसिक विशेषज्ञों और सीआईडी (CID) के अधिकारियों ने मौके से साक्ष्य जुटाए। डीएनए रिपोर्ट के जरिए आधिकारिक पहचान होने के बाद ही शवों को परिजनों को सौंपा गया।

शुरुआती जांच और चश्मदीदों के बयानों से यह साफ है कि इलाके में घना कोहरा था। लैंडिंग के समय पायलट को रनवे दिखाई नहीं दे रहा था, जिसके चलते विमान का संतुलन बिगड़ा और वह दुर्घटनाग्रस्त हो गया। फिलहाल एक विशेष जांच समिति इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है।

Updated on:
29 Jan 2026 02:10 pm
Published on:
29 Jan 2026 02:08 pm