मुंबई

महाराष्ट्र में फिर होगा पवार बनाम पवार, चाचा अजित को सीधे टक्कर देंगे भतीजे युगेंद्र?

हाल ही में अजित पवार ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया था कि उन्होंने अपनी पत्नी को अपनी बहन के खिलाफ बारामती में खड़ा करके गलती की।
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Oct 21, 2024
Ajit Pawar apologized

महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है, जिसके लिए राजनीतिक दलों ने कमर कस ली है। मोटे तौर पर कहें तो महाराष्ट्र में मुख्य मुकाबला दो प्रमुख गठबंधनों, सत्तारूढ़ महायुति और विपक्षी महाविकास आघाडी (MVA) के बीच होगा। इस दौरान राज्य की सियासत में एक बार फिर पवार बनाम पवार की सीधी लड़ाई देखने को मिलेगी। खासतौर पर सबका ध्यान अजित पवार और उनके भतीजे युगेंद्र पवार के बीच मुकाबलों की अटकलों पर है। दोनों का आमना-सामना पवार परिवार के गढ़ बारामती में हो सकता है।

वरिष्ठ नेता शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी (शरदचंद्र पवार) ने 20 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए फिलहाल उम्मीदवारों के नामों का ऐलान नहीं किया है। हालांकि बारामती के संभावित उम्मीदवार के तौर 32 वर्षीय युगेंद्र पवार का नाम सामने आ रहा है।

कौन है युगेंद्र पवार?

अमेरिका में बोस्टन स्थित नॉर्थईस्टर्न यूनिवर्सिटी से ‘बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन’ में ग्रेजुएट 32 वर्षीय युगेंद्र महाराष्ट्र के कद्दावर नेता शरद पवार के पोते हैं। वह अजित पवार के भाई श्रीनिवास पवार के बेटे हैं। शरद पवार द्वारा स्थापित शैक्षणिक संस्थान विद्या प्रतिष्ठान के युगेंद्र कोषाध्यक्ष हैं।

युगेंद्र पवार परिवार के मुखिया व एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार के करीबी माने जाते है। वह अपने दादा शरद पवार के संरक्षण में अपने लिए राजनीतिक जमीन तैयार कर रहे हैं। इसकी झलक सितंबर में बारामती में स्वाभिमान यात्रा के शुभारंभ में देखने को मिली।

पिछले लोकसभा चुनावों के दौरान युगेंद्र ने शरद पवार की बेटी व सांसद सुप्रिया सुले के लिए प्रचार किया, जबकि उनके पिता ने शरद पवार को छोड़कर अन्य एनसीपी नेताओं के साथ महायुति सरकार में शामिल होने के लिए अजित की आलोचना की थी।

हालांकि युगेंद्र ने अब तक खुलकर बारामती में चाचा अजित पवार से मुकाबले पर कुछ नहीं कहा है। हालांकि उन्होंने संकेत दिया कि अगर उन्हें मौका मिला तो वह पीछे नहीं हटेंगे।

बता दें कि अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन का हिस्सा है। पार्टी ने अब तक अपने उम्मीदवारों की सूची जारी नहीं की है। लेकिन एक दर्जन से अधिक उम्मीदवारों को ‘एबी फॉर्म’ दे दिया है. राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा जोरो पर हैं कि अजित पवार इस बार भी बारामती विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे। यह अजित पवार की पारंपरिक सीट है, जहां से वह लगातार विधायक चुने जा रहे हैं।

लोकसभा में हुआ रोमांचक मुकाबला

पवार परिवार का गढ़ कहे जाने वाले पुणे जिले के बारामती में हाल के लोकसभा चुनावों में अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार और उनकी ननद सुप्रिया सुले के बीच दिलचस्प मुकाबला देखने को मिला। हालांकि सुले बारामती सीट से फिर सांसद निर्वाचित हुईं। हालांकि सुनेत्रा पवार अभी राज्यसभा सांसद हैं।

अजित की चचेरी बहन सुले ने बारामती संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले छह विधानसभा क्षेत्रों में से पांच पर बढ़त हासिल की थी। सुले ने 1.50 लाख से अधिक मतों से जीत हासिल की। ​उन्हें 7,32,312 वोट मिले, जो 2019 के चुनावों में मिले मतों से 45,000 अधिक थे।

पिछले महीने ही अजित पवार ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया कि उन्होंने अपनी पत्नी को अपनी बहन के खिलाफ लोकसभा चुनाव में खड़ा करके गलती की। उन्होंने कहा कि किसी को भी राजनीति को घर में नहीं लाना चाहिए।

Updated on:
21 Oct 2024 09:36 pm
Published on:
21 Oct 2024 09:36 pm