Mumbai Bomb Threat: अश्विनी ने फिरोज का नाम इस्तेमाल करते हुए मुंबई पुलिस को बम धमाके की झूठी धमकी भेजी। उसकी योजना थी कि पुलिस इस मामले में फिरोज को गिरफ्तार कर ले और उसे जेल की सजा भुगतनी पड़े।
Mumbai Bomb Threat: दिल्ली से सटे नोएडा में बैठे 51 साल के अश्विनी कुमार ने दोस्त को फंसाने के लिए ऐसी चाल चली कि उसमें खुद ही फंस गया। नोएडा पुलिस ने अनुसार, दो साल पहले आरोपी को जिस दोस्त ने जेल पहुंचाया था, उससे बदला लेने के लिए आरोपी ने दो साल तक साजिश रची और उसे शुक्रवार को अंजाम दिया। हालांकि वह अपनी साजिश में खुद ही फंस गया। नोएडा पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया है। अब मुंबई पुलिस उसके मोबाइल का डेटा और कॉल डिटेल खंगाल रही है।
दरअसल, नोएडा में ज्योतिषी बनकर रह रहे 51 साल के अश्विनी कुमार ने मुंबई पुलिस को फिरोज के नाम से एक धमकी भरा मैसेज भेजा था। इस मैसेज में कहा गया था कि पूरी मुंबई को बम से उड़ाने की व्यवस्था की गई है। शुक्रवार को यह धमकी मुंबई पुलिस को मिली। इससे मुंबई में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में पुलिस ने हाई अलर्ट जारी किया। जांच के दौरान पता चला कि यह धमकी नोएडा से भेजी गई। इसके बाद नोएडा पुलिस सक्रिय हो गई और आरोपी को देर रात सेक्टर-79 से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी ने यह खतरनाक कदम सिर्फ अपने दोस्त से पुरानी दुश्मनी निकालने के लिए उठाया।
अश्विनी कुमार बिहार के पटना जिले के पाटलिपुत्र इलाके का रहने वाला है। पुलिस पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह अपने पुराने दोस्त फिरोज से गहरी नफरत करता है। दरअसल, साल 2023 में फिरोज ने उसके खिलाफ पटना के फुलवारी शरीफ थाने में मामला दर्ज कराया था। इस केस के चलते अश्विनी को तीन महीने जेल में रहना पड़ा। तभी से वह बदले की आग में जल रहा था और मौके की तलाश में था। आखिरकार, उसने अपने दोस्त को फंसाने के लिए एक ऐसा प्लान बनाया जिसने पूरे मुंबई पुलिस महकमे को हिला दिया। अश्विनी ने फिरोज का नाम इस्तेमाल करते हुए मुंबई पुलिस को बम धमाके की झूठी धमकी भेजी। उसकी योजना थी कि पुलिस इस मामले में फिरोज को गिरफ्तार कर ले और उसे जेल की सजा भुगतनी पड़े।
शुक्रवार को मुंबई पुलिस कंट्रोल रूम को एक मैसेज मिला, जिसमें दावा किया गया कि शहर में 34 गाड़ियों में करीब 400 किलो आरडीएक्स रखा गया है और कई "ह्यूमन बम" भी तैयार हैं। संदेश में कहा गया था कि ये बम किसी भी वक्त धमाका कर सकते हैं और पूरे शहर को दहला देंगे। इस मैसेज ने पुलिस को हिलाकर रख दिया। तुरंत सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया गया और शहर भर में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया। जांच शुरू हुई तो तकनीकी टीम ने पता लगाया कि यह मैसेज नोएडा से भेजा गया था। इसके बाद मुंबई पुलिस ने नोएडा पुलिस की मदद से देर रात सेक्टर-79 में छापा मारा और अश्विनी को गिरफ्तार कर लिया।
जांच में सामने आया कि अश्विनी पिछले पांच साल से नोएडा में रह रहा था और खुद को ज्योतिषी बताकर जीवन गुजार रहा था। उसके पास मास्टर्स की डिग्री है और उसके पिता सुरेश कुमार शिक्षा विभाग से रिटायर्ड कर्मचारी हैं। पढ़ा-लिखा होने के बावजूद उसने ऐसा अपराध करने का रास्ता चुना। पुलिस सूत्रों के अनुसार, अश्विनी की निजी जिंदगी भी अशांत रही है। घरेलू विवादों के चलते उसकी पत्नी उसे छोड़कर जा चुकी है। वहीं परिवार के अंदरूनी झगड़ों ने भी उसकी मानसिकता को और अस्थिर कर दिया था।
अश्विनी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसके पास से सात मोबाइल फोन, तीन सिम कार्ड, छह मेमोरी कार्ड होल्डर, दो डिजिटल कार्ड और एक मेमोरी कार्ड बरामद किया है। इन सामानों से साफ है कि वह लंबे समय से तकनीकी उपकरणों की मदद से अपनी साजिश को अंजाम देने की तैयारी कर रहा था।
नोएडा के एडिशनल सीपी सुमित शुक्ला ने बताया कि आरोपी को शुक्रवार देर रात गिरफ्तार कर कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद मुंबई पुलिस के हवाले कर दिया गया। अब मुंबई पुलिस उससे पूछताछ कर रही है, ताकि यह पता चल सके कि इस मामले में कोई और व्यक्ति भी शामिल था या पूरी साजिश उसी ने रची थी।
फिलहाल मुंबई पुलिस ने इस धमकी को फर्जी करार दिया है, लेकिन शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि अश्विनी तकनीक का इस्तेमाल कर दूसरों को फंसाने की कोशिश कर रहा था। पुलिस उसकी कॉल डिटेल, मोबाइल डेटा और डिजिटल रिकॉर्ड खंगाल रही है। यह पूरा मामला न केवल मुंबई बल्कि देशभर की सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ा सबक है कि कैसे निजी दुश्मनी के चलते कोई व्यक्ति इस हद तक जा सकता है और पूरे शहर की सुरक्षा व्यवस्था को संकट में डाल सकता है।