हिंदू संगठन के लोगों ने उसी जगह पर छत्रपति संभाजी महाराज की तस्वीर पर गंगाजल डालकर अभिषेक किया, जहां पर ईद-ए-मिलादुन्नबी जुलूस के दौरान औरंगजेब की फोटो पर दूध डालकर वीडियो बनाया गया था।
महाराष्ट्र के अकोला शहर में ईद-ए-मिलादुन्नबी जुलूस के दौरान औरंगजेब के पोस्टर को लेकर शुरू हुआ विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले में पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लिया है, जबकि कई अन्य की तलाश जारी है। दरअसल, जुलूस के दौरान औरंगजेब और इब्राहिम गाजी के पोस्टर पर आठ से दस अज्ञात युवकों ने दूध चढ़ाया था। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद बवाल खड़ा हो गया। इसी दौरान जुलूस में औरंगजेब का पोस्टर घुमाकर महिमामंडन करने की बात भी सामने आई है।
पुलिस के अनुसार, इस घटना से धार्मिक भावनाएं आहत हुईं और कानून-व्यवस्था के लिए खतरा पैदा हुआ। यही वजह है कि आदेशों के उल्लंघन और शांति भंग होने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने बीएनएस की धारा 196, 3(5) और धारा 135 महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। अकोला के उपविभागीय पुलिस अधिकारी सुदर्शन पाटिल ने बताया कि आठ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने वायरल वीडियो में नजर आ रहे तीन लोगों को पकड़ लिया है और अन्य की तलाश जारी है।
यह विवाद यहीं नहीं थमा। घटना के विरोध में हिंदू संगठनों ने उसी स्थान पर छत्रपति संभाजी महाराज की तस्वीर रखकर गंगाजल से अभिषेक किया। इससे माहौल और संवेदनशील हो गया है।
पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने चौकसी बढ़ा दी है और सोशल मीडिया पर भी नजर रखी जा रही है।